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तब तो पराग पर भी कैसे करें भरोसा

Thu, 16 Jul 2015 01:40 AM IST
बरेली
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बरेली। सिंथेटिक दूध के कारोबारियों ने सहकारी दुग्ध उत्पादन संघ लिमिटेड की पराग डेयरी में भी घुसपैठ कर ली है और वह सांठगांठ से डेयरी को केमिकल से बनाकर तैयारी सिंथेटिक दूध बेच दे रहे हैं। डेयरी को बेचा गया 14 हजार लीटर सिंथेटिक दूध जांच में पकड़े जाने से इसका खुलासा हुआ है। गनीमत यह रही कि यह दूध मार्केट में नहीं गया, वरना इसका खमियाजा पब्लिक को भुगतान पड़ता। बता दें कि फिलहाल पराग डेयरी पब्लिक में दूध नहीं दे रही है, मुरादाबाद की पराग डेयरियों को खरीदा गया दूध सप्लाई कर रही है, जहां पाश्च्युराइजेशन से पहले लैब में की गई जांच में सिंथेटिक दूध पकड़ा गया। जाहिर है कि यह मामला सामने आने के बाद अब पब्लिक भी खुले मन से पराग के दूध पर भरोसा नहीं करेगी।
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ताज्जुब यह है कि सिंथेटिक दूध के कारोबारी कहां-कहां अपने अड्डे चला रहे हैं, इसका खुलासा कई बार होने के बावजूद उन पर अंकुश लगाने में जिला प्रशासन पूरी तरह से नाकाम साबित हो रहा है। सिंथेटिक दूध पड़ोसी बदायूं और बदायूं और आंवला तहसील क्षेत्र के विशारतगंज तथा अलीगंज से बनकर आता है। शहर में भी चोरी छुपे लालफाटक और चौपुला क्षेत्र में यह तैयार किया जाता है। रोजाना सुबह कई मार्केट में खुलेआम दुकानें लगाकर सिंथेटिक दूध बेचा जाता है। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होने से सिंथेटिक दूध के कारोबारियों के हौंसले बुलंद हैं और अब वह पराग डेयरी में भी सेंध लगाने में कामयाब हो गए हैं।  

समितियां तो बहाना कारोबारियों ने बेचा दूध
पराग डेयरी जिले में संचालित तमाम समितियों से दूध खरीदती है और उसे ठंडा करके दूसरी डेयरियों को बेच देती है। सिंथेटिक दूध के मामले में पराग डेयरी प्रबंधक का कहना है कि यह दूध समितियों से खरीदा गया था लेकिन सूत्रों का कहना है कि इसमें पूरी तरह से ठेकेदारों के रूप में सिंथेटिक कारोबारियों की भूमिका है। इन्होंने ही कुछ फर्जी समितियां बना रखी हैं, जिनके जरिए वह डेयरी को सिंथेटिक दूध सप्लाई करने में कामयाब हो रहे हैं। इसमें डेयरी के अंदर के कुछ लोगों की भूमिका भी बताई जा रही है, जिनकी मिलीभगत रही। डेयरी में बाकायदा क्वालिटी कंट्रोल लैब है, जिस पर खरीदे गए दूध की जांच का प्रावधान है। डेयरी प्रबंधन भी दावा कर रहा है कि दूध की प्रारंभिक जांच कराई जाती है। ऐसे में सवाल यह है कि खरीदे गए 14 हजार लीटर दूध की प्रारंभिक जांच में इसके सिंथेटिक दूध होने की बात क्यों नहीं पकड़ी गई। डेयरी के सामान्य प्रबंधक डीके वर्मा का कहना है कि लैब में ट्रेंड स्टाफ नहीं है। सामान्य स्टाफ से काम चलाकर जांच करा रहे हैं। बोले- ट्रेंड स्टाफ के लिए कई बार शासन को लिखा गया लेकिन अभी तक व्यवस्था नहीं हो सकी है।
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खतरनाक केमिकल की मिलावट
मुरादाबाद के दलपतपुर पराग डेयरी ने अपनी लैब में की जांच में इस दूध में मिलावट पाई। इसमें खतरनाक केमिकल पाया गया। इसके बाद दलपतपुर से दूध यहां डेयरी को वापस भेज दिया गया। इस पर यहां से उसको शाहजहांपुर डेयरी को भिजवाया गया लेकिन वहां की लैब में भी इसके सिंथेटिक होने की पुष्टि हो गई। इसके बाद इसे नष्ट करा दिया गया। डेयरी के सामान्य प्रबंधक वर्मा ने यह बात स्वीकार की। बोले- इस दूध में केमिकल की मिलावट पाई गई। कौन सा केमिकल मिलाया गया, इसकी पुष्टि लैब में नहीं हो सकी है।

पहले भी होती रही है मिलावट
पराग डेयरी कुछ समय पहले तक लालकुआं और मेरठ की डेयरी को दूध बेचा करती थी लेकिन कई बार वहां से भी दूध सिंथेटिक बताकर वापस भेज दिया गया। जाहिर है कि पहले भी कई बार सिंथेटिक दूध खरीदा गया लेकिन इसका खुलासा अब हुआ है।

चार समितियां ब्लैक लिस्टेड
पराग डेयरी प्रबंधक ने कार्रवाई के नाम पर फिलहाल चार समितियों को ब्लैक लिस्टेड कर दिया है। सामान्य प्रबंधक वर्मा ने बताया कि इन समितियों का पेमेंट भी रोका गया है। वहीं, और भी समितियां चिन्हित की जा रही हैं, जहां से सिंथेटिक दूध आने की आशंका है।

‘पराग के प्रबंध निदेशक को स्थानीय इकाई के दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखा गया है। साथ ही डीएम से कहा है कि वह जांच कराए और इसमें दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। जिले में  सिंथेटिक दूध के कारोबार की खुफिया एजेंसी से भी जांच कराने का फैसला लिया है। उसी के आधार पर छापेमारी कर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।‘ प्रमांशु कुमार, कमिश्नर

‘पराग डेयरी में सिंथेटिक दूध की खरीद और इसमें लिप्त लोगों की जांच सिटी मजिस्ट्रेट और जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी को सौंपी है। इन अधिकारियों से दो दिन में रिपोर्ट मांगी है, उसी रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। सिंथेटिक दूध की बिक्री की पुष्टि हुई तो पराग के साथ-साथ इस कारोबार में लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी’। गौरव दयाल, डीएम
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