जब गांव के लोगों को पता चला कि किशोरी की मां ने एफआईआर दर्ज कराने के लिए शिकायती पत्र दिया है तो पंचायत बुला ली गई। पंचायत में किशोरी के बालिग होने पर उससे शादी करने का फैसला सुना दिया गया।
एसपी उत्तरी मुकेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि इस प्रकरण में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पीड़िता की मां ने आरोपी पर बेटी से यौन शोषण करने और उसके पिता पर धमकाने का आरोप लगाया है। शिकायत 16 सितंबर को ही पहली बार थाने आई थी। तीन दिन पहले थाना प्रभारी बदल गए। हो सकता है कि थाना स्तर पर लापरवाही हुई हो। सीओ बहेड़ी को मामले की जांच सौंपी गई है। उन्होंने मौके पर जाकर बयान लिए हैं। मुख्य आरोपी गिरफ्तार किया गया है।
पंचायत में 15 लोग थे
पंचायत में 15 लोग शामिल थे। इनमें मौजूदा प्रधान के पिता भी शामिल थे। समझौता एक पूर्व प्रधान ने लिखा। समझौते पर उनके हस्ताक्षर हैं। इसमें लिखा है कि दोनों पक्ष समझौते से सहमत हैं। दोनों पक्ष की रजामंदी से यह तय हुआ है कि आरोपी की शादी लड़की के बालिग होने पर दो साल दस महीने बाद की जाएगी।