आठ माह की उम्र में आई, अब 60 साल की हुई
बारादरी थाना प्रभारी धनंजय पांडेय ने बताया कि साठ साल की फरहत आठ माह की उम्र में मां और बड़ी बहन के साथ यहां ननिहाल में आई थी। मां और बहन पाकिस्तान लौट गईं, पर वह नहीं गई। यहीं उसकी पढ़ाई हुई और सूफी टोला निवासी शाहिद खलील से निकाह भी हो गया। शाहिद की अब मौत हो चुकी है। फरहत की पांच बेटियां और दो बेटे हुए। एक बेटे की मौत हो चुकी है। चूंकि, जन्म से वह पाकिस्तानी है तो यहां उसके दस्तावेज नहीं बनने चाहिए थे।
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एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि फरहत को भारतीय नागरिकता ही प्राप्त नहीं है, फिर उसका आधार और राशनकार्ड कैसे बन गया? किसकी चूक या मिलीभगत से ऐसा हुआ, इसकी जांच की जाएगी। जाली कागजात बनाने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी।