सूदखोर के उत्पीड़न से त्रस्त कपड़ा व्यापारी ने दर्ज कराई रिपोर्ट
आंवला। सूदखोर ने एक लाख रुपये कर्ज देकर कपड़ा व्यापारी विपिन कुमार से तीन लाख रुपये वसूल लिए। इसके बावजूद वह साढ़े तीन लाख रुपये बकाया बताकर उनका उत्पीड़न कर रहा है। रुपये न देने पर बेटे का अपहरण करके पांच लाख रुपये वसूलने की धमकी दे रहा है। व्यापारी ने सूदखोर और उसके बेटे के खिलाफ थाना आंवला में साहूकारी अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई है।
मोहल्ला पक्का कटरा निवासी कपड़ा व्यापारी विपिन कुमार ने बताया कि उनके बेटे तुषार ने वर्ष 2018 में कस्बे के ही सुमित गुप्ता उर्फ छोटू से अपने छोटे भाई अर्पित को व्यापार कराने के लिए एक लाख रुपये ब्याज पर दिलवाए थे। विपिन के मुताबिक, ब्याज दर तीन प्रतिशत तय थी, लेकिन आरोपी ने उनके बेटों को गुमराह करके धीरे-धीरे तीन लाख रुपये वसूल कर लिए। इसके बावजूद सुमित अपने पिता महेश चंद्र गुप्ता के साथ उनकी दुकान पर आकर साढ़े तीन लाख रुपये बकाया देने के लिए दबाव बनाता है। धमकी देता है कि यदि रुपये नहीं दिए तो जान से हाथ धोना पड़ेगा। कहता है- बेटे का अपहरण करके साढ़े तीन लाख के पांच लाख रुपये वसूल लेंगे।
दरोगा का ट्रांसफर होने के बाद दोबारा उत्पीड़न
विपिन का कहना है कि 20 सितंबर, 2020 को उन्होंने सीओ से शिकायत की तो तत्कालीन दरोगा अभय पांडेय ने आरोपियों को कार्रवाई की चेतावनी दी, इसके बाद वे शांत हो गए। दरोगा का ट्रांसफर होने के बाद अब आरोपी उन्हें दोबारा धमकाने लगे हैं। उन्होंने आशंका जताई है कि आरोपी उनके और परिवार के साथ कोई घटना कर सकते हैं। साथ ही ये भी कहा है कि अगर उनके परिवार के किसी भी सदस्य को जान माल का नुकसान होता है तो इसके जिम्मेदार दोनों आरोपी होंगे। कोतवाल मनोज कुमार सिंह ने बताया दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
एडीजी को ट्वीट के बाद सक्रिय हुई पुलिस तब जाकर छोड़ा खेत
बरेली। फतेहगंज पश्चिमी के गांव बल्लिया निवासी ज्ञान उपाध्याय के पिता रामआसरे शर्मा ने वर्ष 2020 में 40 हजार रुपये में आठ बीघा जमीन गिरवी रखी थी। वर्ष 2020 में उनकी मौत हो गई तो सूदखोर ने जमीन जोत ली। बाद में यह जमीन ज्ञान उपाध्याय और उनके भाई के नाम पर आ गई। अब वे लोग बंटवारा करना चाहते हैं और एक साल के रुपये लौटाकर जमीन वापस पाना चाहते हैं लेकिन सूदखोर इसके लिए तैयार नहीं है। इसे लेकर ज्ञान उपाध्याय ने एडीजी अविनाश चंद्र को ट्वीट किया तो उन्होंने बरेली पुलिस को कार्रवाई के आदेश दिए। इसके बाद पुलिस ने दोनों पक्षों को बैठाकर समझौता करा दिया। रुपये देने के बाद ज्ञान उपाध्याय को उनकी जमीन वापस मिल गई। ब्यूरो