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Bareilly News: तीन पाकिस्तानी महिलाओं का नवाबगंज के खाता गांव से है नाता, इनमें दो सगी बहनें

Fri, 02 May 2025 10:19 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, बरेली

सार

India Pakistan family Story: बरेली के नवाबगंज इलाके का खाता गांव अजीबो-गरीब रिश्तों के लिए चर्चित है। यहां तीन मुस्लिम परिवार ने तीन पाकिस्तानी महिलाएं ब्याही हैं। इनमें दो सगी बहनें हैं। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : stock adobe
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विस्तार
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Bareilly News: बरेली के नवाबगंज में रहने वाली पाकिस्तानी महिलाओं ने पहलगाम की घटना पर अफसोस जताया। महिलाएं बोलीं कि वह भले ही पाकिस्तानी हैं, पर उनका दिल हिंदुस्तान के लिए धड़क रहा है। बरेली के नवाबगंज इलाके का खाता गांव के मुस्लिम परिवार में तीन पाकिस्तानी महिलाएं ब्याही हैं। 
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इनमें दो सगी बहनें हैं, जो चचेरे-तहेरे भाइयों के घर तेरह बरस पहले दुल्हन बनकर आई थीं और अब उनके बच्चों की मां हैं। कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तानियों को देश छोड़ने के सरकारी फरमान से दीर्घकालिक वीजा पर रह रहीं तीनों महिलाओं के साथ उनके परिवार के लोग भी विचलित हैं। 

खाता गांव में एक परिवार तो ऐसा है, जो सरहदों की तरह बंटा हुआ है। परिवार की तीन बेटियां हिंदुस्तानी हैं और एक पाकिस्तानी। खाता गांव के लकड़ी कारीगर अफसार बताते हैं कि पाकिस्तान के कराची के नार्थ नाजमाबाद ब्लॉक में रहनी वाली महताब फातिमा से वर्ष 2007 में उनका निकाह हुआ था। 
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निकाह के बाद पत्नी पाकिस्तान चली गई। 2007 में ही महताब फातिमा की वापसी हुई। कुछ साल रुकने के बाद 2010 में महताब फिर पाकिस्तान चली गईं। पाकिस्तान में पत्नी ने बेटी जहरा को जन्म दिया। बाद में दीर्घकालीन वीजा बनवाकर बेटी के साथ भारत आईं। यहां तीन बेटियां नजफ, फिजा व अलीजा का जन्म हुआ। ये तीनों हिंदुस्तानी हैं, जबकि जहरा पाकिस्तान की नागरिक है। 

जाने अली और कुलसुम का 13 बरस का साथ 
खाता गांव निवासी जाने अली का निकाह वर्ष 2012 में पाकिस्तान की कुलसुम फात्मा से हुआ था। दरअसल कुलसुम और मरियम सगी बहनें हैं। दोनों का एक ही दिन निकाह हुआ था। जाने अली और राशिद भी रिश्ते के भाई हैं। जाने अली ने बताया कि उनकी पत्नी के परिजन पहले खाता गांव के ही निवासी थे। आजादी के वक्त पाकिस्तान चले गए थे।

रिश्तेदार होने के चलते उनका निकाह हुआ था। वह पत्नी के साथ वर्ष 2018 में पाकिस्तान गए थे, लेकिन वहां एक माह काटना मुश्किल हो गया था। इस बीच उनकी मां निजाकत की मौत हो गई। इसके बाद वह पत्नी को पाकिस्तान छोड़कर हिंदुस्तान चले आए। बाद में पत्नी भी दीर्घकालीन वीजा लेकर भारत आ गईं। जाने अली की कोई संतान नहीं है।

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मरियम का परिवार बोला- पाकिस्तान में ज्यादा दहशतगर्दी 
खाता गांव निवासी राशिद अली की पत्नी मरियम फात्मा पाकिस्तानी हैं। मरियम ने बताया कि वह वर्ष 2012 में निकाह के वक्त भारत आई थीं। उनके दो बेटे जैद और जैन हैं। उनका परिवार यहां खेती के सहारे आजीविका चलाता है। राशिद बताते हैं कि उन्होंने अपनी पत्नी का दीर्घकालिक वीजा बनवाया है।
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शादी के बाद दो माह के लिए वह पाकिस्तान स्थित ससुराल गए थे, पर डेढ़ माह के अंदर ही लौट आए। कहा कि वहां इतनी दहशतगर्दी है कि बयां नहीं की जा सकती। उसके बाद से वह और उनकी पत्नी कभी पाकिस्तान नहीं गए।

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