देश भर में पहली जनवरी से एलपीजी उपभोक्ताओं की सब्सिडी की रकम सीधे उनके खातों में भेजने के लिए ‘पहल’ योजना लागू हो गई है, लेकिन इसके बावजूद बैंकों की लापरवाही की वजह से जिले भर में 42 हजार से ज्यादा कनेक्शन आधार कार्ड से लिंक नहीं हो पाए हैं। इस वजह से इन उपभोक्ताओं को सब्सिडी नहीं मिल पा रही है।
बैंकों की मनमानी की शिकायतें जिला प्रशासन तक पहुंच रही हैं। इससे नाराज डीएम संजय कुमार के निर्देश पर बुधवार को एक संयुक्त बैठक आयोजित की गई जिसमें गैस एजेंसी संचालकों ने बताया कि बड़ौदा बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों से इस काम में सहयोग नहीं मिल पा रहा है। इसी वजह से 42 हजार से ज्यादा गैस कनेक्शन आधार कार्र्ड और बैंक खातों से लिंक नहीं हो पाए हैं। इस वजह से इन उपभोक्ताओं को सब्सिडी नहीं मिल पा रही है। प्रभावित लोग आए दिन एजेंसियों पर हंगामा कर रहे हैं। एलपीजी वितरक एसोसियेशन अध्यक्ष रंजना सोलंकी और उपाध्यक्ष प्रमोद अग्रवाल ने बैंकों के प्रबंधन पर आरोप लगाया कि ग्रामीण बैंकों में नए खाते खोलने के लिए सुविधा शुल्क मांगा जा रहा है। बैंकों में अंग्रेजी लिपि में पासबुक बदलने पर 120 से 150 रुपये तक लिए जा रहे हैं।
एडीएम प्रशासन अरुण कुमार ने बैंकों की मनमानी पर नाराजगी जताते हुए चेतावनी दी कि सभी 42 हजार गैस कनेक्शन अगर सप्ताह भर में लिंक न हुए तो जिला बैंक समन्वयक को जिम्मेदार माना जाएगा। डीएसओ केएल तिवारी ने बताया कि बैंक 5.34 लाख कनेक्शनों में से सिर्फ 47 प्रतिशत खाते लिंक कर पाए हैं। बैंकाें में यह प्रक्रिया धीमी होने से योजना प्रभावित हो रही है। तिवारी ने बताया कि 31 मार्च तक सभी कनेक्शन बैंक खातों से लिंक होने हैं। इसलिए एजेंसियां ग्राहकों से 15 मार्च से पहले ही आधार कार्ड या बैंक खाता नंबर जमा करा लें। बैठक में तय हुआ कि आधार कार्ड समस्या दूर करने के लिए 30 जनवरी से चिन्हित गैस एजेंसियाें पर कैंप लगेंगे। बैठक में योजना आयोग से पहुंचे सहायक निदेशक संदीप साहा ने बरेली और पीलीभीत जिले की प्रगति की जानकारी दी।