बहेड़ी/नवाबगंज/ मीरगंज/ आंवला। अभी तक शासन का निजी मिलों से अनुबंध नहीं होने के कारण तहसील क्षेत्रों के अलग-अलग सरकारी धान खरीद केंद्रों पर धान की हजारों क्विंटल धान की बोरियां पड़ी हुई हैं। इनका उठान न होने से तौल प्रक्रिया धीमी हो गई है। इस कारण किसानों का इंतजार बढ़ गया है। क्रय केंद्रों पर पहुंच रहे किसानों को परेशानी हो रही है।
बहेड़ी में किसानों का कहना है कि एफसीआई में चावल उठान की व्यवस्था नहीं हो पाने से धान मिलों को नहीं भेजा जा सका है। मंडी यार्ड के अलावा, हथमना, रिछा मंडी यार्ड, मुरचौडा, गुरसौली, परोही गांव में लगे विभिन्न एजेंसियों के खरीद केंद्रों पर भी यही हाल है। भारतीय किसान यूनियन के तहसील अध्यक्ष राजेश कुमार गुप्ता ने जिला अधिकारी को ज्ञापन भेजा है।
मीरगंज में मंडी स्थल पर सरकारी पांच धान क्रय केंद्र हैं, जिन पर अब तक आठ हजार 775 क्विंटल धान तौला जा चुका है, जो मंडी स्थल पर ही रखा हुआ है, जिसका उठान न होने से किसानों को धान तुलवाने में दिक्कतें हो रही हैं। धान क्रय केंद्र प्रभारी सुभाष चंद्र ने बताया कि अभी तक मिलों से धान कुटाई की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है। मिलों से बातचीत चल रही है। नवाबगंज में करीब 51 हजार क्विंटल धान की खरीद हुई है। यहां भी खरीद प्रक्रिया धीमी हो गई है। संवाद
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चार क्रय केंद्रों पर अब तक कुल 11 हजार क्विंटल की खरीद
आंवला में मंडी परिसर में संचालित धान क्रय केंद्रों पर उठान न होने से जगह की भारी कमी हो गई है। धान उठान न होने से केंद्रों पर बोरियों का ढेर लग गया है। क्षेत्रीय विपणन अधिकारी रोहिताश कुमार ने बताया कि मिलर्स से अनुबंध में हो रही देरी के कारण व बारदाने में आ रही कमी से खरीद प्रभावित हो रही है। मंडी परिसर में यूपीएसएस के तीन, पीसीएफ का एक व आरएफसी के चार क्रय केंद्रों पर अब तक कुल 11 हजार क्विंटल की खरीद हो चुकी है। जल्द ही परिसर में एक और सेंटर शुरू हो जाएगा। संवाद
इस बार राइस मिलों का अनुबंध शासन स्तर से हुआ है। इसलिए इसमें देरी लगी। अभी सात नवंबर को 58 राइस मिलों का संबद्धीकरण हुआ है। संबद्धीकरण में बदलाव भी हुए हैं, जैसे दो क्रय केंद्रों का धान दो मिलों में जाएगा, जबकि पहले ऐसी व्यवस्था नहीं थी। मिलों को धान देने से पहले उनसे चावल लेने का भी नियम है। मिलों के चावल के नमूने एफएसएसएआई (भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण) को भेजे गए थे। इनमें तीन-चार नमूनों की स्वीकृति आया है। इसलिए केंद्रों से धान उठान में थोड़ी समस्या आई है। लेकिन, अब उठान शुरू हो गया है।
- कमलेश पांडेय, डिप्टी आरएमओ