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बरेली का तीन सौ बेड अस्पताल: ऑक्सीजन प्लांट, लिफ्ट और जनरेटर खा रहे जंग, वेंटिलेटरों पर जमी है धूल

Thu, 05 Feb 2026 02:13 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

बरेली के तीन सौ बेड अस्पताल का पीपीपी मॉडल पर संचालन होना प्रस्तावित है, लेकिन यहां के कई उपकरण बदहाल हैं। उपकरणों की बदहाली से पीपीपी मॉडल पर अस्पताल के संचालन की मंशा पर पानी फिर सकता है। 
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तीन सौ बेड अस्पताल में रखे उपकरण - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बरेली में निर्माण के छह साल बाद तीन सौ बेड अस्पताल को पीपीपी मॉडल पर संचालित करने की कवायद शुरू हुई है। हालांकि, उपकरणों पर जमी धूल और जंग खा रहा ऑक्सीजन प्लांट मंशा पर पानी फेर सकता है। खराब लिफ्ट, जंग खा रहे जनरेटर और दीवारों की सीलन से भी खेल बिगड़ने की आशंका है। बुधवार को अमर उजाला टीम की पड़ताल में ये खामियां उजागर हुईं।

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ऑक्सीजन प्लांट क्रियाशील तो है, लेकिन ऑक्सीजन की गुणवत्ता मापने वाला सेंसर खराब है। सालभर से इसकी सर्विसिंग भी नहीं हुई है। अस्पताल में दो जनरेटर लगे है। इनमें से एक 320 केवीए का जनरेटर वर्ष 2022 से खराब पड़ा है। दूसरा सर्विसिंग न होने से ठप पड़ा है। उपकरणों के संचालन के लिए साल दर साल सिर्फ पत्राचार किया जा रहा है। कोरोना महामारी के दौरान ओपीडी, इमरजेंसी और प्रशासनिक भवन की ओर लगाई गई लिफ्ट अब टूटी पड़ी है। एक्सरे मशीन भी बिना इमेजिंग प्रिंटर के संचालित थी, जो अब तकनीकी खराबी के कारण ठप है।

कहीं दब न जाएं अहम सवाल 
अस्पताल के संभावित पीपीपी मॉडल पर संचालन के साथ ही कई अहम सवालों के दबने की चर्चा शुरू हो गई है। बताते हैं कि बीते वर्ष भारतीय लेखा परीक्षा और लेखा विभाग ने पत्र जारी कर बगैर मानव संसाधन के दो चरणों में उपकरण, साज-सज्जा पर करीब 12 करोड़ रुपये और पूर्व में भवन निर्माण, उपकरण खरीद पर 86.82 करोड़ रुपये खर्च को अलाभकारी बताते हुए जवाब मांगा था। इससे संबंधित अभिलेख अब तक नहीं मिले।
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चूहों ने कुतर दिए थे वेंटिलेटर के तार
दो वर्ष पूर्व शासन के निर्देश पर हुए पूर्वाभ्यास के दौरान अस्पताल के दो वेंटिलेटरों का संचालन नहीं हो सका था। जांच में पता चला था कि चूहों ने तार काट दिए थे। इसे दुरुस्त कराने की बात अफसरों ने कही थी। हालांकि, इसके बाद चार बार पूर्वाभ्यास हुए और अफसरों ने 33 वेंटिलेटरों समेत अन्य महंगे उपकरणों के क्रियाशील होने का दावा किया। हकीकत क्या है, उपकरणों की पारदर्शी जांच के बाद ही पता चल सकेगी।

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तीन सौ बेड अस्पताल (कोविड अस्पताल) - फोटो : अमर उजाला
अस्पताल में उपलब्ध उपकरण
  • वर्ष 2022-23 में आईपीडी के लिए 8.26 करोड़ के बजट से डीप फ्रीजर, स्ट्रेचर, बेड, अलमारी, बाईपैप, ऑक्सीजन कंसेंट्रेटर, आईसीयू बेड आदि खरीदे।
  • वर्ष 2021-22 में पीएम केयर फंड से 260 ऑक्सीजन युक्त बेड, 33 वेंटिलेटर, 13 एचएफएनसी, ऑक्सीजन प्लांट, जनरेटर, अग्निशमन उपकरण, बॉडी वॉर्मर, बाईपैप, पीकू, डिलीवरी ओटी टेबल के महंगे उपकरण अस्पताल में लगे।
दुरुस्त होंगी व्यवस्थाएं 
सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह ने कहा कि मंडलायुक्त के मार्गदर्शन में पीपीपी मॉडल पर तीन सौ बेड अस्पताल संचालन की तैयारी है। हालांकि, अभी कोई फर्म फाइनल नहीं है। अस्पताल का अलग से बजट न होने से कई कार्य प्रभावित हैं। कहा कि जिस भी फर्म, संस्थान को पीपीपी मॉडल पर अस्पताल संचालन के लिए दिया जाएगा तब सभी उपकरण की तकनीकी जांच होगी। जो खामियां हैं, उसे दुरुस्त कराया जाएगा।
 
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