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ऑक्सीजन का संकट गहराया

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बरेली। जिले में ऑक्सीजन का संकट बढ़ रहा है लेकिन जिम्मेदार इसे मानने को तैयार नहीं है। शनिवार को स्टॉक में सिर्फ पांच टन ऑक्सीजन शेष रह गई जबकि एक दिन में ही 35 टन ऑक्सीजन की खपत हो रही है। डीएम नितीश कुमार ने ऑक्सीजन संकट से इनकार करते हुए कहा कि रविवार तड़के ही 32.5 टन ऑक्सीजन की आपूर्ति हो जाएगी। उन्होंने अस्पतालों में ऑक्सीजन के स्टॉक और खपत की जांच का भी आदेश दे दिया है।
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जिले में तीन प्लांटों में करीब 28 टन ऑक्सीजन प्रतिदिन तैयार हो रही है, जबकि अस्पतालों में करीब 35 टन प्रतिदिन की खपत बताई जा रही है। ऐसे में अतिरिक्त ऑक्सीजन को कंट्रोल रूम के माध्यम से बाहर से मंगवाया जा रहा है। शुक्रवार को डीएम ने बताया कि शाम तक 34 टन ऑक्सीजन का स्टाक हो गया है, लेकिन शनिवार को नौ टन ही ऑक्सीजन मिल सकी। लिहाजा देर शाम तक जिले में पांच टन ऑक्सीजन ही स्टाक में शेष रह गई है। यदि रात में ऑक्सीजन का टैंकर न आया तो रविवार को संकट गहरा सकता है। इस संबंध में डीएम नितीश कुमार ने बताया कि 32.5 टन ऑक्सीजन की डिमांड कंट्रोल रूम को भेजी गई थी। इसमें से नौ टन ऑक्सीजन मिल गई है। सुबह तक और ऑक्सीजन आ जाएगी।
बरेली के कोविड अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी नहीं हैं। सिलिंडर लाने की शर्त पर मरीजों को भर्ती करने के मामले कुछ निजी अस्पतालों में हो सकते हैं लेकिन अब तक इस तरह की कोई शिकायत नहीं मिली है। सीएमओ और एसीएमओ टीम के साथ अस्पतालों में ऑक्सीजन सिलिंडरों का स्टॉक चेक कर रहे हैं। यह भी देखा जा रहा है कि कितनी ऑक्सीजन ली जा रही है और कितनी का उपयोग हो रहा है। यदि किसी भी अस्पताल में खपत से ज्यादा स्टॉक मिला तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - नितीश कुमार, डीएम
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