मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारी
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ग्रामीण बोले- सरकारी धन का हुआ था बंदरबांट
सरदार नगर में जल जीवन मिशन के तहत डेढ़ साल पहले तैयार हुआ ओवरहेड टैंक घटिया निर्माण का नायाब नमूना था। अब साबित हुआ है कि सरकारी धन का बंदरबांट कर इसे बनाया गया। हादसे के बाद ग्रामीणों ने एनसीसी कंस्ट्रक्शन कंपनी के जिम्मेदारों व ठेकेदार अमरीश पर घटिया सामग्री इस्तेमाल का आरोप लगाया है। प्रधान से लेकर ग्रामीण तक उन दिनों भी नाराजगी जताते रहे लेकिन निर्माण की गुणवत्ता में सुधार नहीं हो सका।
सरदार नगर की प्रधान नसरीन फातिमा और उनके पति सरताज ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत करीब डेढ़ साल पहले एनसीसी कंस्ट्रक्शन कंपनी ने ओवरहेड टैंक का निर्माण किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि इसमें घटिया सामग्री का प्रयोग हुआ। टैंक में पिलर खड़े कर ऊपर पानी भरने के लिए कोई पुख्ता निर्माण नहीं किया गया। यहां बैलून का टैंक बनाकर उसे टीन से ढका गया था। सरताज ने बताया कि इसकी शिकायत कई बार ठेकेदार अमरीश से की गई पर कोई सुनवाई नहीं हुई।
गांव निवासी संजीव पाठक ने बताया कि कंस्ट्रक्शन कंपनी की विभाग व प्रशासनिक अधिकारियों से कई बार शिकायत की। उन्होंने एक बार तो छह कट्टे सीमेंट लिंटर डालने पहुंचे ठेकेदार को वापस लौटा दिया था। गांव निवासी सचिन चौहान ने भी ठेकेदार अमरीश से मानक के अनुसार सामग्री लगाने को कहा था। इसके बावजूद ठेकेदार ने घटिया निर्माण सामग्री से ही ओवरहेड टैंक तैयार कर दिया, उसके खिलाफ की गई हर शिकायत अनसुनी कर दी गई।
अस्पताल में भर्ती घायल ग्रामीण
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टैंक में भरा था पानी, बाल-बाल बचे ग्रामीण और बच्चे
ओवरहेड टैंक जब गिरा तो मलबे के साथ ही उसमें भरा पानी भी एक साथ नीचे गिर पड़ा। आमतौर पर ऑपरेटर टिंकू शर्मा इसी के नीचे बने कक्ष में रहते थे, गनीमत रही कि वह वहां नहीं थे, जिससे उनकी जान बच गई। गांव निवासी संजय सिंह चौहान ने बताया कि टैंक के पास कल्याण सिंह के मकान में सुबह-शाम कई बच्चे ट्यूशन पढ़ने आते हैं। इसके अलावा, टैंक के पास तालाब किनारे पेड़ों की छाया में 10 से 20 ग्रामीण दोपहर में हमेशा बैठे रहते हैं। गनीमत रही कि हादसे के वक्त इनमें से कोई वहां मौजूद नहीं था। घटना से इलाके में दहशत फैल गई।