पहाड़ों पर बर्फवारी होने से मैदान में चल रही शीत लहर के बीच बरेली में ही 107 से ज्यादा बुजुर्गों की मौत हो गई। जबकि तमाम बुजुर्गों की जान खतरे में हैं। जबकि प्रशासन सर्दी को लेकर बिल्कुल संजीदा नहीं है। डीएम ने विधानसभा चुनाव को आचार संहिता लागू होने के बाद तहसीलों में रखे पुराने कंबल बांटने के आदेश जारी किए हैं। ई-टेंडरिंग के चक्कर में प्रशासन नए कंबल खरीदने की स्थिति में नहीं है। हालांकि शासन ने इसके लिए 30 लाख रुपये भेज दिए हैं। अलाव के लिए शासन से जो तीन लाख रुपये मिले थे, उनमें से तहसीलों को 50-50 हजार भेज दिए गए हैं।
यह सर्दी का बढ़ता प्रकोप ही कहा जाएगा कि छह दिन में शहर के दो श्मशान के रिकॉर्ड के मुताबिक 49 बुजुर्ग इस दुनिया से चले गए। सिटी श्मशान भूमि के कंहई लाल ने बताया कि यहां नौ लाश प्रतिदिन आने का औसत है। 10 दिसंबर से 15 दिसंबर तक 52 लोगों के शव जलाने के लिए लाए गए, जिसमें 33 लोग 60 या इससे ऊपर उम्र के लोग थे। इसमें एक 105 साल के बुजुर्ग भी शामिल हैं। वहीं संजय नगर स्थित श्मशान भूमि के प्रबंधक भगवान स्वरूप ने बताया कि उनके यहां चार शव प्रतिदिन आने का औसत है। बताया, औसत तो वही है मगर इसमें बुजुर्गों की संख्या 16 है, जबकि कुल शव 25 आए। यह आंकड़ा दो श्मशान प्रमुख श्मशान भूमि का है। उधर, शहर के कई कब्रिस्तानों में भी यही हाल देखने को मिला। यहां 58 से भी ज्यादा बुजुर्गों को दफनाएं लाए जाने की सूचना है। इनमें बृहस्ततिवार को 80 वर्षीय रौनक अली, निवासी, पीलीभीत बाईपास रोड को शाहजहांपुर रोड स्थित कब्रिस्तान में और बाकरगंज की रहने वाली 65 वर्षीय हसीमा, 45 मोहल्ले के ही कब्रिस्तान में दफन किया गया है। 45 वर्षीय कामरान निवासी शाहबाद चाय की दुकान करते थे। कड़ाके की सर्दी में शुक्रवार को उनकी मौत हो गई। कामरान का शव शनिवार को कल्लू मियां के तकिया कब्रिस्तान में सुपुर्देखाक किया जाएगा।
कोहर की चादर फैलाएगा त्रिग्रही योग
पौष माह का शुक्ल पक्ष 18 दिसंबर से शुरू हो रहा है। इस दौरान बनने वाला त्रिग्रही योग पूरे उत्तर भारत को कोहरे की चादर से ढक देगा। साथ ही इस पक्ष के तीन मंगल भी शुभ नहीं हैं। तीन जनवरी से माघ का महीना शुरू हो जाएगा। इस माह की शुरूआत में चार ग्रह एक साथ विचरण करेंगे। तो हाड़कंपा देने वाली सर्दी पड़ेगी। बारिश से भी मौसम बिगड़ेगा। -आचार्य मुकेश मिश्रा, ज्योतिषाचार्य