शायद आपको यकीन न हो लेकिन आंकड़े यह सच बयां कर रहे हैं कि पांच दिन तक चले दीपोत्सव पर लोगों ने घर आने-जाने और सैर-सपाटे के लिए की गई यात्रा में ही 50 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च कर दिए। लंबी दूरी की यात्रा कराने में ट्रेवल एजेंसियों ने इस दौरान खूब चांदी काटी तो शहर में आवाजाही बढ़ने से ऑटो, ई-रिक्शा और टैक्सी वालों की कमाई का आंकड़ा भी दोगुने तक पहुंच गया। यह सिलसिला जारी है जो छठ तक चलने की उम्मीद है। रेलवे और रोडवेज ने भी रिकॉर्डतोड़ कमाई की और पिछले सालों की तुलना में इस बार करोड़ों का मुनाफा ज्यादा कमाया।
रेल परिवहन
यात्रियों को रुलाया... खुद साढ़े 21 करोड़ पीट डाले
दिवाली और छठ से पहले घर जाने के लिए ट्रेनों में यात्रा करने वालों ने भले ही कितने धक्के खाए हों, लेकिन रेलवे ने खूब मुनाफा कमाया। बरेली डिविजन ने ही अपने काउंटरों से पिछले 20 दिनों में तीन करोड़ के टिकट बेच डाले जो पिछले साल की तुलना में 10 फीसदी ज्यादा है। इस दौरान करीब तीन लाख यात्रियों ने अपने आरक्षण भी कराए। स्टेशन मास्टर चेतन शर्मा के मुताबिक इसके अलावा करीब साठ फीसदी टिकट ऑनलाइन बुक हुए। कुल मिलाकर त्योहारों में टिकट बुकिंग का विभागीय आंकड़ा करीब 21 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
- बेटिकट यात्रियों से वसूले 33 लाख
मुख्य टिकट निरीक्षक अजय कुमार शुक्ला ने बताया कि ट्रेनों में बेटिकट यात्रा करने वालों के खिलाफ पहली से दस अक्तूबर तक 1691 यात्रियों की धरपकड़ कर 13 लाख का जुर्माना वसूला गया। 11 से 20 अक्तूबर तक 2065 यात्रियों से 20 लाख का जुर्माना वसूला गया।
बस परिवहन
रोडवेज ने झटके 17 करोड़
बरेली से रोडवेज बस में त्योहार पर खूब सफर किया गया। बड़ी तादाद में बरेली क्षेत्र के अलावा अन्य क्षेत्रों की बसों में भी बरेली के लोगों ने यात्रा की और अन्य शहरों से लोग यहां आए। इस तरह बरेली से बाहर जाने और बाहर से यहां आने वाले यात्रियों से 17 करोड़ रुपये से अधिक परिवहन निगम ने कमाया है। इसी तरह डग्गामार और निजी बस संचालकों ने त्योहार पर चार करोड़ रुपये से ज्यादा कमाए हैं।
स्थानीय परिवहन
त्योहारों के दौरान थ्री व्हीलर, ई रिक्शा और डग्गामार गाड़ियों ने भी जमकर कमाई की। उनकी आमदनी का आंकड़ा इस दौरान दोगुने से भी ज्यादा पहुंच गया। ऑटो यूनियन के मुताबिक जिले में 5800ऑटो और टेंपो, 1000 ई- रिक्शा, 1800 साधारण रिक्शा और 2500 से ज्यादा अवैध ई- रिक्शा चल रहे हैं। यूनियन नेताओं के मुताबिक एक ऑटो व टेंपो एक दिन में औसतन 600 से 700 रुपये कमाते हैं लेकिन धनतेरस के बाद छोटी दिवाली, बड़ी दिवाली और फिर भाईदूज में चार दिन तक रोजाना इनकी कमाई का ग्राफ 1200 से 1500 रुपये के बीच रहा। यही नहीं इन लोगों ने त्योहारों में किराया भी बढ़ा दिया। बड़े डाकखाने से लेकर जंक्शन तक 20 रुपये आम दिनों में लिए जाते हैं लेकिन दिवाली के दिन यह किराया 30 रुपये था। इसी तरह जंक्शन से चौकी चौराहा तक ई- रिक्शा बुक करने पर 50 रुपये मांगे गए जो आम दिनों में 20 से 30 रुपये लेते हैं।
हवाई सेवा
शहर में 50 से अधिक ट्रेवल एजेंसियां हवाई सेवाओं के लिए बुकिंग करती हैं। दिवाली से कई दिन पहले ही ये सभी एजेंसियां व्यस्त हो गई थीं। तमाम लोग अपने शहरों में पढ़ रहे बच्चों को बुलाने के लिए बुकिंग कराने में जुटे हुए थे। सबसे अधिक बुकिंग दिल्ली, मुंबई, बंगलुरु समेत दक्षिण भारत के अन्य शहरों से आने- जाने के लिए हुई। हालांकि विदेश यात्राएं गिनी चुनी ही रहीं। एक ट्रेवल एजेंसी चलाने वाली अंजू गर्ग ने बताया कि आम दिनों में जहां 7 से 8 टिकट बुक होते थे, वहीं दिवाली से पहले यह आंकड़ा बढ़ने लगा था। दिवाली से तीन दिन बाद तक गिनी चुनी बुकिंग हुई जो महंगी थी। एक अनुमान के मुताबिक हवाई परिवहन संचालकाें ने 2 करोड़ से ज्यादा बरेलीवासियों से कमाया।
इंफो
परिवहन सेवा अनुमानित कमाई
रोडवेज बस 17 करोड़
निजी बस 04 करोड़
हवाई सेवा 02 करोड़
रेलवे 21 करोड़
स्थानीय परिवहन 5 करोड़
अन्य साधन 2 करोड़