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‘चीरहरण’ करने वाले तो ‘अपने’ ही हैं...

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गंभीर आरोपों से घिरे पूर्व गृह राज्यमंत्री एवं भाजपा नेता स्वामी चिन्मयानंद का मौैन व्रत सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सोमवार को खत्म हो गया। अमर उजाला से बातचीत में उन्होंने कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि एसआईटी की जांच में वह बेकसूर साबित होंगे। उन्होंने पार्टी के कुछ नेताओं पर षड्यंत्रकारियों को हवा देने का आरोप लगाया।
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एलएलएम की छात्रा ने स्वामी चिन्मयानंद पर वीडियो वायरल कर गंभीर आरोप लगाए थे। इसके बाद से ही स्वामी ने मौनवृत धारण कर लिया था। हरिद्वार से मोबाइल पर बातचीत में उन्होंने बताया कि उनके खिलाफ षड्यंत्र रचने में कुछ ऐसे लोग थे, जो पार्टी में रहते हुए रुपये के लालच में काम करते हैं। इस पूरे प्रकरण में एक ऐसे नेता भी शामिल रहे हैं, जो विद्यार्थी परिषद से राजनीतिक पारी शुरू करके मजबूत ओहदे पर बैठे हैं। उन्होंने कहा इस पूरे मामले में जिले के एक कद्दावर नेता नेतृत्व कर रहे थे। इस मामले से उनकी दिनचर्या पर कोई असर नहीं पड़ा।
उनसे मिलने के लिए सोमवार को 50 साधु-संत आए और कहा कि वह पूरी तरह से उनके साथ हैं। स्वामी ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल ने उनके खिलाफ कोई बयानबाजी नहीं की। केवल कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी ने एक बार उनके खिलाफ बयान देते हुए उन्हें कठघरे में खड़ा करने की कोशिश की, लेकिन जब उन्हें पता चला कि उनके खिलाफ षड्यंत्र रचा जा रहा है तो वह पीछे हट गईं। उन्होंने उम्मीद जताई कि जांच में वह पूरी तरह से बेदाग साबित होंगे। षड्यंत्रकारी भी बेनकाब होंगे। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद थी, जो भी कोर्ट से निर्देश मिलेंगे, उसमें न्याय ही होगा। स्वामी चिन्मयानंद ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर प्रदेश सरकार की ओर से गठित की जाने वाली एसआईटी उनसे पांच करोड़ रुपये की रंगदारी मांगे जाने व छात्रा के अपहरण के मामले की जांच एक साथ ही करेगी, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
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स्वामी आज बताएंगे अंदर की बात
शाहजहांपुर। स्वामी चिन्मयानंद ने बताया कि वह मंगलवार शाम तक शाहजहांपुर पहुंचेंगे। वहीं उनके समर्थकों को भी उनके आने का इंतजार है। उम्मीद है कि स्वामी अपने ऊपर लगे आरोपों पर खुलकर बोलेंगे। दरअसल एलएलएम की छात्रा के वीडियो वायरल करने के बाद से स्वामी की ओर से अपनी सफाई में किसी तरह की कोई बात नहीं कही गई। जब भी लोगों ने उनसे बात करने की कोशिश की तो कहा गया कि वह मौन व्रत में हैं। उनके आने का स्वामी समर्थकों को इंतजार है।
मौन व्रत टूटा तब तक लौट गई पुलिस टीम
स्वामी चिन्मयानंद ने बताया कि उनसे पूछताछ के लिए शाहजहांपुर से एक टीम आई थी, लेकिन उस वक्त वह अपने साधना कक्ष में थे। सोमवार शाम को जब मौन व्रत तोड़ कर साधना कक्ष से बाहर निकले तो पता चला कि टीम वापस चली गई। उन्होंने बताया कि हो सकता है कि टीम इसलिए बिना पूछताछ किए वापस चली गई क्योकि सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश सरकार को इस मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित कर जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
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