शाहजहांपुर। जिला अस्पताल गेट के पास एक महिला के क्षत-विक्षत शव मिलने के मामले में सीएमओ ने दो सदस्यीय डॉक्टरों की जांच टीम गठित की है। जांच रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं उसकी शिनाख्त दूसरे दिन भी नहीं हो पाई।
बुधवार सुबह चार बजे जिला अस्पताल गेट पर धनवंतरि पुष्प वाटिका के पास 50 वर्षीय एक महिला के पड़े शव के चेहरे का मांस जानवरों ने खा लिया गया था। देर शाम पोस्टमार्टम सूत्रों से पता चला कि महिला की मृत्यु डेढ़ दिन पहले हो चुकी थी और महिला के चेहरे का मांस कुत्ते नोच कर खा गए। कुछ मांस सीने का भी खा गए थे। अमानवीयता वाली इस घटना के बाद सीएमओ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच कराए जाने को दो सदस्यीय डॉक्टरों की टीम गठित की है। इस टीम में डिप्टी सीएमओ डॉक्टर संजय कुमार व जिला अस्पताल के डॉक्टर एके सिंह को शामिल किया गया है।
महिला के शव को कुत्ते द्वारा नोचे जाने के मामले में जांच कमेटी गठित कर दी गई है। जांच रिपोर्ट में जो भी दोषी मिलेगा। उस पर कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. आरपी रावत, सीएमओ
पहले भी सामने आ चुकी है अस्पताल की लापरवाही
जिला अस्पताल गेट पर महिला का शव कुत्तों द्वारा नोचे जाने के मामले में भले ही सीएमओ की ओर से जांच कमेटी गठित कर दी गई हो लेकिन अस्पताल प्रबंधन की इससे पहले भी घोर लापरवाही सामने आ चुकी है। 27 मई को जिला अस्पताल में नौ वर्ष के बच्चे के शव को गोद मेें लिए मां ले जाने के लिए वाहन उपलब्ध कराने को गुहार लगाती रही लेकिन उसे वाहन नहीं मिला। लोगों ने चंदा करके रुपये दिए, तब वह बेटे के शव को टेंपो से लेकर घर गई। इसी तरह 21 जनवरी को एक घायल को जिला अस्पताल से एंबुलेंस नहीं मिली।
पुलिस यह कहकर भले ही खुद का बचाव कर रही हो कि महिला अस्पताल गेट पर पड़ी थी लेकिन लोग इस मामले में पुलिस को भी कम दोषी नहीं मान रहे हैं। लोगों का कहना है कि सड़क किनारे से किसी भी घायल अथवा बेहोश लावारिस को उठाकर अस्पताल पहुंचाने की ड्यूटी पुलिस की है। यहां तक की मृतक को भी पीएम तक पहुंचाने की जिम्मेदारी है, तब फिर डेढ़ दिन से मृत महिला के पड़े शव को पुलिस नजरअंदाज कर रही है तो इससे बड़ी लापरवाही और क्या हो सकती है, जबकि अस्पताल चौकी पुलिस की जिम्मेदारी अस्पताल गेट से लेकर परिसर तक है।
इसमें पुलिस की कोई लापरवाही नहीं हैं, महिला अस्पताल गेट पर थी। अस्पताल वालों को देखना चाहिए था।, फिर भी यदि इसमें पुलिस की कोई लापरवाही सामने आती है तो कार्रवाई की जाएगी।
दिनेश त्रिपाठी, एएसपी सिटी