पीलीभीत। जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने बीसलपुर विधायक रामसरन वर्मा द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार और लखनऊ की संस्था को डूडा और नगरपालिका के काम मिलने में अपनी संलिप्तता होने के आरोपों को सिरे नकार दिया। डीएम ने विधायक के प्रत्येक आरोप का जवाब देते हुए कहा कि डेयरी और बरातघर की बातें विधायक जी का निजी मामला है। खनन में वह नियम विरुद्ध काम होने पर कार्रवाई कर चुके हैं। वक्फ, ग्रीन बेल्ट और नजूल की जमीनों पर कब्जे भी वह हटवाकर उसकी रिपोर्ट शासन को भेज चुके हैं। भूमाफिया पर कार्रवाई करने में पीलीभीत पहले नंबर पर है। डीएम ने कहा-विधायक जी ने जो भी आरोप लगाए हैं, वह उसके प्रमाण भी पेश करें।
डेयरी की जमीन पर बरातघर विधायक जी का निजी मसला, मैं टिप्पणी नहीं करुंगा
डीएम ने कहा कि बीसलपुर में डेयरी की जमीन पर बरातघर बनाने की बात विधायक जी का निजी मसला है। वह उस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहेंगे। उस पर कमेंट करने की जरूरत भी नहीं है। ढुकसी और कुर्रखेड़ा में खनन निकासी की अनुमति नियमपूर्वक दी गई थी, लेकिन जब वहां नियमों का उल्लंघन किया गया तो जांच कराकर खनन करने वाले पर सबसे बड़ा 17 लाख से अधिक रुपये का जुर्माना लगाया गया। इतनी कार्रवाई ठीक है।
हमें तो जहां कब्जे मिले, उन्हें हटवाया, तभी हम नंबर वन
ग्रीन बेल्ट, वक्फ और नजूल की जमीनों पर कब्जे कराकर प्लाटिंग कराने के आरोपों पर कहा कि ग्रीन बेल्ट की जमीन पर एक केंद्र बना था। वह उसे गिरवाकर शत्रु संपत्ति निदेशालय को उसकी रिपोर्ट भेज चुके हैं। जहां भी अवैध कब्जे मिले, उन्हें सख्ती से हटवाया गया। इसी का नतीजा है कि एंटी भूमाफिया पोर्टल पर मिलने वाली शिकायतों पर कार्रवाई करने में पीलीभीत को प्रदेश में पहला स्थान मिला। डीएम ने कहा कि कोर्ट में लंबित मामलों को छोड़कर अवैध कब्जे से संबंधित हर मामले में कार्रवाई की गई।
राशन दलाल को हमने जेल भिजवाया, पूर्ति निरीक्षक का तबादला भी किया
बीसलपुर में विधायक के छापे में दलाल पकड़े जाने की बात सही बताते हुए डीएम ने कहा कि विधायक जी ने जब उसे पकड़ा तो उसे तत्काल जेल भेज दिया गया। पूर्ति निरीक्षक पर इस मामले में इसलिए कार्रवाई नहीं हुई क्योंकि उस दिन उन्होंने स्वयं उसे मुख्यालय बुलाया था। फिर भी उसे बीसलपुर से हटा दिया गया। खनन माफिया को बचाने के संबंध में डीएम ने कहा कि केवल वक्तव्य देने से कुछ नहीं होता। विधायक जी हमें प्रमाण देकर बताएं कि उन्होंने किस माफिया को बचाया। वह सब पर कार्रवाई करेंगे। भ्रष्टाचार में लिप्त दो फर्मों पर वह पहले ही कार्रवाई कर चुके हैं। भ्रष्टाचार में लिप्त किसी भी संस्था या व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।