पीलीभीत। कुछ अफसरों के खिलाफ आरपार की जंग का एलान करने वाले बीसलपुर विधायक रामसरन वर्मा बृहस्पतिवार को देर शाम लखनऊ में मुख्यमंत्री से उनके आवास पर जाकर मिले। उन्होंने मुख्यमंत्री को अवैध खनन समेत डूडा और स्वच्छ भारत मिशन में अनियमितताओं का पूरा चिट्ठा सीएम को सौंपा और भ्रष्ट अफसरों पर कार्रवाई की मांग की। सीएम ने विधायक को क्या आश्वासन दिया, इस पर संस्पेंस बरकरार है। विधायक ने भी इसका खुलासा नहीं किया है।
21 जनवरी को डीएम वैभव श्रीवास्तव ने बीसलपुर में सड़क और नाली निर्माण के अलावा विधायक के घर के पास उनकी पुत्रवधु के नाम वाली डेयरी वाली जगह की भी जांच की थी। वहां डेयरी के बजाय बरातघर चलता मिला था। इसके बाद विधायक ने उनके घर की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराने का आरोप लगाते हुए डीएम द्वारा प्रोटोकाल का उल्लंघन करने की बात कही थी। विधायक ने डीएम पर अवैध खनन, स्वच्छ भारत मिशन और डूडा के कामों में लखनऊ से लाई गई संस्थाओं से संलिप्तता के आरोप लगाकर भ्रष्टाचार के मुद्दे पर आरपार की लड़ाई का एलान कर दिया था। इसके बाद विधायक बुधवार को लखनऊ रवाना हो गए थे। बृहस्पतिवार को विधायक रामसरन वर्मा की देर शाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात हुई। इसकी पुष्टि करते हुए विधायक ने बताया कि उन्होंने भ्रष्ट अफसरों के काले कारनामों का पूरा चिट्ठा मुख्यमंत्री जी को सौंप दिया है। इस पर कार्रवाई के आश्वासन के बारे में वह (विधायक) 25 जनवरी को प्रेस कांफ्रेंस में खुलासा करेंगे। अभी वह इस बारे में इसलिए अधिक नहीं बताना चाहते क्योंकि इससे भ्रष्ट अफसरों को अपने बचाव का मौका मिल जाएगा।
उच्चस्तरीय कमेटी करेगी भ्रष्टाचार मामलों की जांच
सूत्रों के अनुसार विधायक रामसरन वर्मा द्वारा मुख्यमंत्री को सौंपी गई अवैध खनन, स्वच्छ भारत मिशन और डूडा के निर्माण कार्यो की जांच के लिए शासन स्तर पर एक उच्चस्तरीय कमेटी गठित कर दी गई है। कमेटी के सदस्य दो से तीन दिन के अंदर इन मामलों की गहन जांच शुरू करेंगे। जांच में अगर विधायक के आरोप सही पाए गए तो इसमें कई बड़े अफसर नप सकते हैं।