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महोफ रेंज को पर्यटन हब बनाने के लिए अफसर मंथन में जुटे

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पीलीभीत। एनटीसीए (नेशनल टाइगर कंजर्वेेशन ऑफ अथॉरिटी) के आदेश के बाद निकट भविष्य में कोर एरिया में स्थापित पिकनिक स्पॉट चूका बीच से टाइगर रिजर्व प्रशासन को बोरिया बिस्तर हटाना ही होगा। ऐसे में टाइगर रिजर्व प्रशासन अब महोफ रेंज को पर्यटन हब के रूप मेें विकसित कर सकता है। यहां एक गेस्ट हाउस पहले से ही बना है, जबकि एक पार्क का निर्माण किया जा रहा है। इसको लेकर टाइगर रिजर्व के अफसरों ने मंथन शुरू कर दिया है।
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टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में इको टूरिज्म स्पॉट चूका बीच विकसित किया गया है, लेकिन उस दौरान जनपद के जंगल को टाइगर रिजर्व घोषित नहीं किया था। मात्र आरक्षित वन के रूप में ही यहां की पहचान थी। चूका बीच को विकसित करने के लिए जाइका योजना से एक अरण्य कुटी, थारु हट, बेंबो हट, वॉटर हट समेत अन्य हटें भी बनाई गईं, लेकिन अब यह इलाका टाइगर रिजर्व के जंगल के काफी भीतरी क्षेत्र में माना जा रहा है। जिसके चलते पर्यटकों के लिए भी काफी सख्त नियम बनाए गए हैं। हालांकि कोर एरिया में स्थापित चूका बीच को लेकर पूर्व वन राज्य मंत्री फरीद महफूज किदवई समेत अन्य वन्यजीव प्रेमी इसका विरोध कर चुके हैं। इधर अब एनटीसीए (नेशनल टाइगर कंजर्वेेशन ऑफ अथॉरिटी) ने भी चूका बीच के कोर एरिया में पर्यटकों के रात्रि विश्राम पर प्रतिबंध लगाने के आदेश दिए हैं। वजह यह है कि जिस तरह से बाघों और अन्य वन्यजीवों की संख्या में वृद्धि हो रही है, उसे देखते हुए टाइगर रिजर्व को एक न एक दिन चूका बीच से तो अपना बोरिया बिस्तर हटाना ही पड़ेगा। वहां मात्र पर्यटक घूमने तक सीमित रह सकते हैं।
महोफ रेंज को कर सकते हैं विकसित
एनटीसीए के बाद अब पीटीआर के अफसर पर्यटक हब बनाने के लिए किसी अन्य स्थान की तलाश में लग गए हैं। वन अफसरों के मुताबिक टाइगर रिजर्व के महोफ रेंज में गेट नंबर एक के आसपास के एरिया को विकसित किया जा सकता है। यहां एक पार्क का निर्माण चल ही रहा है। इसके अलावा यहां गेस्ट हाउस के अलावा प्रकृति चित्रण केंद्र भी है, लेकिन अब इस प्रकृति चित्रण केंद्र को परम्बिकुलम टाइगर रिजर्व केरल के भांति ऑडियो विजुअल से लैस किया जाएगा। यहां संबंधित पशु या पक्षी के चित्र पर क्लिक करते ही उसके बारे में संपूर्ण जानकारी मिल सकेगी। खास बात यह है कि महोफ के गेट नंबर एक पर जनपद समेत उत्तराखंड के पर्यटक भी इसी गेट पर सीधे पहुंचते हैं। पर्यटकों की बढ़ती आमद को देखते हुए वन अफसर अब इस क्षेत्र को पर्यटक हब के रूप में विकसित करने की तैयारी लगभग शुरू कर चुके हैं।
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टाइगर रिजर्व के महोफ रेंज स्थित गेट नंबर एक पर एक पार्क का निर्माण किया जा रहा है। यहां स्थापित प्रकृति चित्रण केंद्र को भी अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस करने की तैयारी चल रही है। महोफ क्षेत्र को पर्यटन हब के रूप में विकसित करने को मंथन चल रहा है। -नवीन खंडेलवाल, डिप्टी डायरेक्टर, टाइगर रिजर्व
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