पूरनपुर (पीलीभीत)। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग की सचिव और जिले की नोडल अधिकारी वी हेकाली झिमोमी का दौरा बारिश की भेंट चढ़ गया। नोडल अधिकारी ने थानों और सीएचसी का निरीक्षण करने के बाद पूरनपुर में अधिकारियों की बैठक लेकर किसी तरह विकास कार्यों की समीक्षा की औपचारिकता पूरी की। आईटीआई का निर्माण अधूरा देखकर वह नाराज हुईं और उन्होंने इसे जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए।
एक दिवसीय दौरे पर आईं नोडल अधिकारी वी हेकाली झिमोमी का भ्रमण कार्यक्रम शुक्रवार को सुबह से हो रही बारिश के चलते औपचारिक रहा। किसी तरह उन्होंने इसको लेकर औपचारिकताएं पूरी की। पहले उन्होंने सीएचसी, ब्लाक और निर्माणाधीन आईटीआई को देखा। वर्ष 2013 से 1.38 करोड़ से बनना शुरू आईटीआई भवन का निर्माण अब भी अधूरा होने पर नोडल अधिकारी जमकर नाराज हुईं। उनका कहना था कि दो साल में इसका निर्माण हो जाना चाहिए था। तमाम तर्क दिए जाने पर उन्होंने पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता से रिपोर्ट तलब करते हुए कहा कि वह इसके बाद जिम्मेदार अधिकारियों पर एक्शन लेंगी। झिमामी ने एक्स-रे, प्रसव कक्ष, महिला वार्ड, लैब, दवाई वितरण कक्ष का घूमकर निरीक्षण किया। स्वाइन फ्लू की दवा उपलब्धता के बारे में पूछा। पड़ोसी वसीम बेग ने सीएचसी का गंदा नाला उनकी ओर बहने की शिकायत की। इस पर ईओ से नाले को बहाव मोड़ने को कहा। ब्लाक के निरीक्षण में कर्मचारियों की तैनाती, रिक्त चल रहे पद, सेवानिवृत होने वाले कर्मचारियों के बकाया देयों के भुगतान, कर्मचारियों की सेवा पुस्तिका, भवन, मनरेगा के कार्यों, आवास, सप्ताहिक बैठक, क्षेत्र पंचायत की बैठक की जानकारी की। इस साल में स्वीकृत आवासों का निर्माण दिसंबर तक पूरा कराने के निर्देश दिए। मनरेगा में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के निर्देश दिए। खंड विकास कार्यालय और गजरौला थाने का भी निरीक्षण कर दिया। इसके बाद उन्होंने पूरनपुर में ही जिला स्तरीय अफसरों की बैठक लेकर जैसेे-तैसे विकास कार्यों की समीक्षा भी की। कहा कि पीलीभीत जिले की स्थिति अभी ठीक नहीं है। काम में तेजी और सुधार लाएं। निर्माणाधीन आईटीआई कॉलेज को शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए। लापरवाही मिलने पर कार्रवाई तय है। इसके बाद वह वापस लौट गईं। डीएम वैभव श्रीवास्तव, प्रभारी एसपी रोहित मिश्र, सीएमओ डा. सीमा अग्रवाल, सीडीओ रमेश पांडेय के अलावा अन्य जिला स्तरीय अफसर मौजूद रहे।
नहीं लग सकी चौपाल
नोडल अधिकारी के कार्यक्रम के तहत गांव चांट फिरोजपुर में चौपाल रखी गई थी। इसमें पराली, पताई को नष्ट करने का डोमो करके किसानों को प्रशिक्षित करना था। बारिश के चलते न तो चौपाल लगाई जा सकी, न ही डोमो हुआ। अफसर तो गांव पहुंच गए लेकिन बारिश ने खेल बिगाड़ा और नोडल अधिकारी वापस चली गईं।
‘जब लगी है रोक तो तुमको किसने अटैच किया’
जब अटैचमेंट पर शासन की रोक लगी है तो तुमको अस्पताल में किसने अटैच किया। निजी सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य और पीलीभीत की नोडल अधिकारी वी हेकाली झिमामी ने जब सीएचसी के संविदा आयुष चिकित्सक डॉ. रेहान से यह सवाल पूछा तो वह हड़बड़ा गए। आयुष चिकित्सक की मूल तैनाती जटपुरा में होने की बात पता लगी तो उन्होंने सख्त नाराजगी जताई। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने बताया कि डॉ. रेहान की मूल तैनाती तो सीएचसी में ही है। उनको जटपुरा में कुछ दिन के लिए अटैच किया गया था। डीएम इंटरव्यू लेकर डॉक्टर तैनात करें।
मरीजों की भीड़ होती तब जरूर मिलती शिकायतें
पूरनपुर। सीएचसी में प्रतिदिन औसतन सात सौ मरीजों की ओपीडी होती है। पर्चा बनवाने से लेकर दवाई लेने तक मरीजों को लंबी लाइनों से गुजरना पड़ता है। चिकित्सकों के अभाव में जनरल ओपीडी करने का अधिकार न होने के बाबजूद ऐसे चिकित्सकों से जनरल ओपीडी करवाई जाती है। चिकित्सकों के अक्सर गायब रहने और प्राइवेट कर्मचारियों की भरमार रहने से अव्यवस्थाएं रहती है। शुक्रवार को सुबह से शाम तक बारिश होती रही। निरीक्षण के समय सीएचसी में कोई मरीज ही नहीं था। अगर मरीजों की भीड़ होती तो सीएचसी की हकीकत सामने आ जाती।