पीलीभीत। 36 घंटे की बारिश में ही शहर के हालात बत्तर हो गए। नगरपालिका के सफाई के तमाम दावे धरे रह गए। चोक नाले नालियों से बारिश का पानी मुख्य मार्गों और गलियों की सड़कों पर बहा। इससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। अगर बड़े नाले और नालियां चोक नहीं होतीं तो बारिश से इतनी दिक्कत नहीं होती। बारिश और फिर सड़कों पर पानी भरने से ज्यादातर दुकानों पर ग्राहकों की संख्या बहुत कम रही, बाजार में पूरे दिन सन्नाटा ही छाया रहा।
नगर पालिका हर महीने शहर की सफाई व्यवस्था पर 61 लाख रुपये खर्च करती है। मगर अधिकांश बजट सही काम में लगने के बजाय सिर्फ ठिकाने ही लगाया जाता है। इसी वजह से शहर के नाले-नालियां कूड़ा-कचरे से पटे हुए हैं। जब भी बारिश होती है तो इन नालों की गंदगी सड़क पर आ जाती है। इससे बारिश के बाद संक्रामक रोग भी फैलने की आशंका बनी रहती है। गुरुवार और शुक्रवार देर रात तक हुई बारिश से मोहल्ला मोहतस्मि खां, सुनगढ़ी, अशोक कालोनी, बल्लभ नगर कालोनी, आवास विकास कालोनी, मधुवन कालोनी के अलावा स्टेशन रोड के साथ ही अन्य मार्गों पर जलभराव की स्थिति बन गई। पानी के बीच से तेज रफ्तार वाहनों के गुजरने के दौरान पैदल जाते लोगों पर गंदे पानी की छींटे पड़ने से उनके कपड़े खराब होते रहे। पानी भरने से कुछ दुकानों की बिक्री ठप रही। परेशान लोग नगर पालिका के व्यवस्थाओं से नाखुश दिखे। नगर पालिका की ओर से नाला और नालियों की तलीझाड़ सफाई के नाम पर औपचारिकताएं निभाई गई, जिससे जलभराव की समस्या उत्पन्न हो रही है।
आशोक कॉलोनी: जलमग्न हो गए पार्क और सड़कें
बारिश के चलते जहां शहर की अधिकांश सड़कों पर जलभराव और कीचड़ की स्थिति बन गई, वही शहर की पॉश आशोक कॉलोनी की हर गली में भी पानी ही दिखा। इससे पैदल राहगीरों को खासी दिक्कते हुई। कॉलोनी निवासी निखिल आनंद ने कहा कि हल्की बारिश में ही सड़कों पर जलभराव होने के पीछे नालों का चोक होना ही है।
टीबी अस्पताल परिसर: पानी में हुई सड़क दिखना हुई बंद
टीबी अस्पताल परिसर में जलभराव होने से सड़क नजर आना बंद हो गई। ऐसे में मरीजों को निकलने में भी काफी दिक्कत हुई। इससे आवागमन प्रभावित दिखा। अस्पताल के पास रहने वाले रोहित कुमार ने बताया कि नाले नालियां साफ न होने से जलभराव की स्थिति बन रही है।
स्टेशन रोड: नालियां चोक, सड़क पर भरा पानी
स्टेशन रोड पर दोनों ओर बने नाले की सफाई न होने से बारिश का पानी सड़क पर भर गया। पैदल यात्री और ऑटो चालकों को निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ा। कई बाइक सवार रोड पर फिसलते भी दिखाई दिए। करीब सौ मीटर की लंबाई में सड़क पर पानी-पानी दिखा। दुकानदार अरविंद ने बताया कि नालों की सफाई न होने से सड़क पर पानी भर जाता है।
मधुवन कालोनी: बारिश ने खोल दी व्यवस्थाओं की पोल
शहर की मधुवन कालोनी की सड़कों पर भी जलभराव की स्थिति बनी रही। कॉलोनी की मुख्य सड़कों के अलावा छोटी-छोटी गालियों में पानी भरने से आवागमन करने में राहगीरों को काफी परेशानी करने झेलनी पड़ी। कॉलोनी निवासी अमित ने बताया कि पानी के निकास की व्यवस्था सही न होने से सड़कों पर पानी भर रहा है। बोले-इसमें सुधार होना चाहिए।
नाले-नालियों की नियमित रूप से सफाई कराई जाती है। इसके अलावा सफाई व्यवस्था का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है। बारिश से जिन स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनी है, वहां कर्मचारियों को भेजकर सफाई व्यवस्था को और भी दुरुस्त कराया जाएगा। -विमला जायसवाल, चेयरमैन
रेन बसेरा की छत टपकी, कोना तलाशते रहे मुसाफिर
मौसम की करवट के बाद गुुरुवार रात से शुरू हुई बारिश में रैन बसेरा की व्यवस्थाओं की हकीकत का आइना दिखा दिया। जर्जर भवन में बनाए गए रैन बसेरा की छतें टपकना शुरू हो गईं तो वहीं बेसहारों को मुहैया कराए गए कंबल आदि भी भीग गए। बारिश से बचने के लिए रैन बसेरा में शरण लिए लोग कोना तलाशते दिखाई दिए, हालांकि हर कोने से बारिश का पानी टपक रहा था। शौचालय क्षेत्र में भी पानी-पानी दिखाई दिया। वहीं पालिका प्रशासन को ओर से कोई सुध नहीं ली जा रही है।