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बंदरों के साथ क्रूरता मामले में पीसीसीएफ ने की पूछताछ

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पीलीभीत। प्रोजेक्टर टाइगर के पीसीसीएफ (प्रिंसिपल चीफ कंजर्वेटर ऑफ फारेस्ट) पवन कुमार शर्मा ने मझोला में पकड़े गए बंदरों के साथ क्रूरता मामले में वन एवं वन्यजीव प्रभाग के डीएफओ, रेंजर और अन्य कर्मचारियों से मामले की जानकारी ली। उन्होंने मामले में जल्द कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
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मझोला में नगर पंचायत द्वारा बंदरों को पकड़ने की मांग के बाद नवंबर में वन एवं वन्यजीव प्रभाग ने बंदरों को पकड़ने के नियमों का हवाला देते हुए अनुमति दी थी। इसके बाद 25 नवंबर को 20 बंदरों को पकड़कर क्रूरतापूर्वक उन्हें दो बोरों में बंद कर 50 किमी दूर घुंघचाई क्षेत्र की खन्नौत नदी के समीप ले जाकर छोड़ दिया गया। बंदरों को क्रूरतापूर्वक बोरों में बंद करने का मामले में सुल्तानपुर की सांसद एवं वन्यजीव प्रेमी मेनका गांधी ने नाराजगी जताते हुए डीएम वैभव श्रीवास्तव को जांच के आदेश दिए थे। इसके बाद डीएम ने रेंजर सतेंद्र सिंह को स्पष्टीकरण तलब करते हुए टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर एच राजामोहन को मामले को देखने को कहा था। इधर पीसीसीएफ पवन कुमार शर्मा शुक्रवार को चूका बीच समेत टाइगर रिजर्व में चल रहे कार्यों को देखने आए हुए थे। यहां उन्होंने वन एवं वन्यजीव प्रभाग के डीएफओ संजीव कुमार, रेंजर सतेंद्र सिंह समेत कुछ अन्य लोगों को बुलाकर बंदरों के मामले में जानकारी ली और डीएफओ को इस मामले को गंभीरता से देखने के निर्देश दिए।
मझोला में बंदरों को नियमविरुद्ध तरीके से पकड़ने के मामले को लेकर पीसीसीएफ प्रोजेक्टर टाइगर द्वारा जानकारी ली गई। उन्होंने इस संबंध में दिशा निर्देश दिए हैं। जल्द कार्रवाई की जाएगी। -संजीव कुमार, डीएफओ, वन एवं वन्यजीव प्रभाग
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