पीलीभीत। धनतेरस के बाजार में खूब धनवर्षा हुई। पुराने बर्तन बदलकर नए बर्तन खरीदने की परंपरा वाले त्योहार धनतेरस पर स्टील, पीतल, तांबा और सोने चांदी की दुकानों और शोरूम पर रौनक रही। ग्राहकों ने परंपरागत त्योहार पर स्टील, पीतल, तांबा, चांदी और एल्युमिनियम के मनपसंद के डिजाइन वाले बर्तन खरीदे। लक्ष्मी आगमन का प्रतीक समझी जाने वाली झाड़ू की बिक्री भी खूब हुई। धनतेरस पर सात करोड़ से अधिक का कारोबार हुआ। वहीं, ट्रैफिक सिस्टम तोड़कर लोग बाजार में शाम को बाइक और कार लेकर घुस गए। इससे प्रशासन और पुलिस की सारी व्यवस्थाएं ध्वस्त हो गईं। देर शाम सड़कों पर जाम लगा रहा। वाहनों के चलते पैदल चलने वालों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
चावला चौराहा, ड्रमनगंज होते ही बरेली गेट चौराहा तक धनतेरस मार्केट में भारी भीड़ रही। दोपहर बाद बर्तन दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ उमड़ने लगी। शाम को दूधिया रोशनी की चकाचौंध में बर्तन के शोरूम और छोटी दुकानों पर स्टील के चम्मच, स्टील की थाली, कुकर, डिनर सेट, छह चूल्हे वाला ब्लैक मेटल, कैस रोल, जग, तांबे के बर्तनों में गिलास, पीतल का लोटा, जग, पूजा की थाली खरीदने का क्रेज देखा गया। ब्रांडेड स्टील बेस्ड किचेन सेट और क्राकरी दुकानों पर सर्वाधिक भीड़ रही। सराफा दुकानों पर गणेश लक्ष्मी मूर्ति का चांदी का सिक्का भी खूब बिका। शाम होते ही बाजार रंग-बिरंगी रोशनी से नहा उठा। भीड़ के चलते कई बार जाम की स्थिति बनी। हालांकि जाम से निपटने को प्रमुख चौराहों पर बैरीकेटिंग की गई थी, लेकिन ट्रैफिक पुलिस को भीड़ रोकने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ी। कई बार व्यवस्थाएं ध्वस्त होती दिखीं। कारोबारियों के चेहरों पर रौनक दिखाई दी।