हरीपुर रेंज के कंर्पाटमेंट 93 में 24 घंटे तक रुकने के बाद हाथियों के कुनबे ने मंगलवार आधी रात के बाद वापस न आकर लखीमपुर के जंगल की ओर रुख कर लिया। लखीमपुर की भीरा रेंज के जंगल से होते हुए हाथी किशनपुर सेंक्चुरी के जंगल में पहुंच गए हैं। बुधवार को टाइगर रिजर्व के अफसरों ने वनकर्मी के साथ हाथियों के पगचिह्न भी ट्रेस किए हैं। स्थिति पर नजर रखने के लिए डीएफओ नवीन खंडेलवाल, एसडीओ प्रवीण खरे हरीपुर रेंज में मौजूद रहे।
नेपाल की शुक्लाफांटा सेंक्चुरी से निकला हाथियों का झुंड सोमवार रात भारतीय क्षेत्र में पहुंच गया था। बराही रेंज के लग्गा भग्गा क्षेत्र के जंगल के रास्ते शारदा नदी के किनारे आ गए। यहां से नदी को पार कर बराही रेंज के फैजुल्लागंज जंगल में प्रवेश कर आगे की बढ़ गए। इसके बाद गजरौला खास गांव के आसपास कुछ ग्रामीणों की गन्ने व धान की फसलों को रौंदने के बाद हरीपुर रेंज के कंपार्टमेंट 93 में जा घुसे। हाथियों के कुनबे में आठ हाथी है, जिसमें हाथियों के दो छोटे बच्चे भी हैं। हाथियों की दस्तक की सूचना मिलते ही टाइगर रिजर्व के अफसरों में हड़कंप मच गया था। डीएफओ नवीन खंडेलवाल टीम के साथ हरीपुर रेंज के जंगल पहुंचे और हाथियों की निगरानी शुरू की। हालांकि घना जंगल होने के चलते हाथियों की लोकेशन ट्रेस नहीं हो सकी। इधर रात होते ही अफसरों ने ड्रम व पटाखों की मदद से हाथियों को पुन: वापस खदेड़ने के प्रयास शुरू किए, लेकिन इसका हाथियों पर कोई असर नहीं पड़ा। मंगलवार आधी रात के बाद हाथियों के कुनबे ने लखीमपुर जनपद के जंगल की ओर रुख कर लिया। यहां लखीमपुर के अंतर्गत भीरा रेंज होते हुए हाथी किशनपुर सेंक्चुरी के जंगल में पहुंच गए और नदी किनारे शरण लिए हुए हैं। टाइगर रिजर्व के स्टाफ ने किशनपुर सेंक्चुरी तक हाथियों के पगचिह्न भी ट्रेस किए हैं। इधर हाथियों की हर स्थिति पर नजर रखने के लिए बुधवार को भी डीएफओ नवीन खंडेलवाल स्टाफ के साथ हरीपुर रेंज में मौजूद रहे। दोपहर बाद टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर एचराजा मोहन भी हरीपुर पहुंचे और जानकारी जुटाई।
वर्जन
मंगलवार रात हाथियों का कुनबा लखीमपुर के जंगल की ओर निकल गया है जो किशनपुर सेंचुरी के जंगल में पहुंचा है। पगचिह्न भी ट्रेस किए गए हैं। दोनों सीमाओं की टीम लगातार हाथियों की निगरानी में जुटी है। उन्हें सुरक्षित वापस खदेड़ने के लिए मंथन किया जा रहा है। - नवीन खंडेलवाल, डीएफओ, पीलीभीत टाइगर रिजर्व