माधोटांडा (पीलीभीत)। अभी कुछ दिन पहले ही शारदा डैम के पास बाघ दिखाई दिया था। टाइगर रिजर्व प्रशासन ने बाघ के वापस जंगल की तरफ चले जाने की बात कही, लेकिन अब दोबारा बाघ ने मौजूदगी का अहसास कराया। मंगलवार सुबह महाराजपुर गांव निवासी अर्जुन मंडल के खेत के पास बाघ के गुजरने की सूचना पर पहुंचे वनकर्मियों ने पड़ताल की तो पगमार्क ट्रेस हो गए।
कुछ दिन पहले महोफ रेंज के जंगल से निकलकर एक बाघ शारदा डैम के पास पहुंच गया था। इसको लेकर काफी शोर मचा रहा। वन विभाग की टीम ने बाघ को वापस करने के लिए दिन भर मशक्कत की थी। उसको पकड़ने के लिए खाबड़ भी लगाया गया था। ड्रोन कैमरे से निगरानी की गई। दूसरे दिन वन विभाग के अधिकारियों ने दावा किया कि बाघ शारदा डैम से होकर वापस जंगल चला गया। इसके बाद भी बाघ को लेकर ग्रामीण दहशत में थे। मछली निगरानी करने वाले रामलखन सहित कई ग्रामीणों ने डैम के 17 किलोमीटर के पास पानी में तैरते हुए बाघ को उत्तराखंड की सीमा की ओर जाते हुए देखने का दावा किया था। उनका कहना था कि बाघ इसी इलाके में हो सकता है। मंगलवार को महाराजपुर गांव में अर्जुन मंडल के खेत के पास बाघ की मौजूदगी के साक्ष्य मिले। इसकी सूचना मिलने पर नौजलहा वन चौकी से टीम गांव पहुंची। उसने बाघ के पगमार्क ट्रेस किए। वन कर्मियों ने सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
हर तरफ आबादी का इलाका है। इसको लेकर वन विभाग के अधिकारियों से निगरानी बढ़ाने को कहा था। शारदा डैम के किनारे नरकुल और घास में बाघ के छिपे होने की आशंका भी जताई, लेकिन कोई गंभीरता नहीं बरती गई। - आशा मिस्त्री, प्रधान महाराजपुर
डैम के आसपास बाघ की लगातार मौजूदगी हो रही है। आबादी का इलाका होने की वजह से यहां पर खतरा अधिक है। किसान खेतों पर काम करता है, ऐसे में विभाग को सतर्कता बढ़ानी चाहिए। - रामलखन, ग्रामीण
बाघ की सूचना मिलने पर टीम गांव भेजी गई थी। पगचिह्न ट्रेस किए गए हैं। ग्रामीणों को अलर्ट रहने के निर्देश देने के साथ निगरानी भी बढ़ाई गई है। आला अधिकारियों को भी सूचित कर दिया है। - डीके गोयल, रेंजर