माधोटांडा (पीलीभीत)। बराही रेंज के सेल्हा बीट के जंगल से सटे इलाके में मंगलवार सुबह शिकारियों के जाल में एक तेंदुआ के फंसने की सूचना मिलते ही टाइगर रिजर्व प्रशासन में खलबली मच गई। क्षेत्रीय वनकर्मियों के बाद आला अफसर मौके पर पहुंच गए। करीब पांच घंटे तक चले अभियान के बाद तेंदुए को सुरक्षित पिंजरे में कैद कर लिया गया। इसके बाद बराही रेंज के गेस्टहाउस ले जाकर तेंदुआ का परीक्षण किया जा रहा है।
टाइगर रिजर्व की बराही रेंज की सेल्हा बीट से सटी सेल्हा कॉलोनी है। यह क्षेत्र वन्यजीवों के मामले में संवदेनशील माना जाता है। मंगलवार सुबह करीब सात बजे सात झाल कॉलोनी क्षेत्र से कुछ ग्रामीण पुरैना गांव की ओर जंगल रास्ते से होकर आ रहे थे। सेल्हा बाबा की दरगाह के निकट पहुंचते ही ग्रामीणों की नजर जाल में फंसे तेंदुए पर पड़ी तो दहशत फैल गई। झाड़ियों में मौजूद तेंदुआ जाल से निकलने का प्रयास कर रहा था। राहगीरों ने इसकी सूचना क्षेत्रीय वनकर्मियों को दी। मौके पर बीट प्रभारी ओमप्रकाश पहुंचे, स्थिति गंभीर देख जानकारी उच्च अफसरों को दी। देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जुटने लगी। इसके बाद एडीओ प्रवीण खरे, पशु चिकित्सक एसके राठौर व रेस्क्यू टीम के नवनीत कुमार टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। जाल लगाकर आबादी क्षेत्र को सुरक्षित किया गया। इसके बाद फील्ड डायरेक्टर एचराजा मोहन मौके पर पहुंचने पर निर्देशानुसार रेस्क्यू शुरू किया गया। ट्रैक्टर और विभागीय वाहन की मदद से करीब पांच घंटे बाद तेंदुए को सुरक्षित पिंजरे में कैद कर लिया गया। एसडीओ प्रवीण खरे ने बताया कि शिकारियों के जाल में नहीं बल्कि खेतों में वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए किसानों के लगाए जाल में तेंदुआ के फंसने की बात सामने आ रही है। फिलहाल तेंदुए को सुरक्षित कैद कर लिया गया है। इसको बराही गेस्टहाउस में रखा गया है। तेंदुआ नर है। उसकी उम्र करीब पांच साल है।
अब जांच पर टिकी निगाहें
जाल में फंसे तेंदुए को भले ही वन अफसर शिकारियों की करतूत न मान रहे हो, लेकिन पूरे मामले की हकीकत परखने के लिए टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर ने एसडीओ पूरनपुर को जांच सौंपी है। वहीं जाल को कब्जे में ले लिया गया है।
भूखा तेंदुआ खा गया तीन किलो मुर्गे का मीट
पीलीभीत। काफी प्रयास करने के बाद भी जाल से निकलने में सफल नहीं हुए तेंदुए को पिंजरे में कैद कर बराही गेस्ट हाउस ले जाकर रखा गया है। परीक्षण के बाद उसको खाने के लिए मुर्गे का मीट दिया गया। भूखा होने के चलते तेंदुए ने सारा मीट खा लिया।