बीसलपुर (पीलीभीत)। हिंदू बच्चों को मदरसे की दुआ कराने पर प्राथमिक विद्यालय ग्यासपुर द्वितीय के प्रधानाध्यापक फुरकान मियां पर गाज गिरी है। डीएम के निर्देश मिलने के बाद बेसिक शिक्षा अधिकारी देवेंद्र स्वरूप ने प्रधानाध्यापक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर बीइओ से स्पष्टीकरण मांगा है। कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में खलबली मची रही।
विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने तीन दिन पूर्व तहसील कार्यालय में एसडीएम सौरभ दुबे को ज्ञापन दिया था। आरोप था कि प्राथमिक विद्यालय ग्यासपुर द्वितीय के प्रधानाध्यापक विद्यालय के हिंदू बच्चों को मदरसे की दुआ कराते हैं। इस पर एसडीएम ने खंड शिक्षाधिकारी उपेंद्र विश्वकर्मा को जांच सौंपी। विभागीय कार्य से बाहर होने की वजह से खंड शिक्षाधिकारी अब तक जांच नहीं कर पाए। सोमवार को शिकायतकर्ता जिला मुख्यालय गए और डीएम वैभव श्रीवास्तव से मामले की शिकायत की। डीएम ने बीएसए को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कुछ देर बाद इसका असर दिखाई दिया। बीएसए ने प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया। वहीं खंड शिक्षाधिकारी उपेंद्र विश्वकर्मा से जवाब तलब किया गया है।
विद्यालय में हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय के बच्चे पढ़ते हैं। इसी लिहाज से यह दुआ वर्ष 2011 से करवा रहा हूं। परिषदीय विद्यालय की पुस्तक में भी यह दुआ छपी हुई है। मेरी बात न सुनकर एकतरफा कार्रवाई की गई है। - फुरकान मियां, प्रधानाध्यापक
परिषदीय विद्यालय में जो सर्वमान्य प्रार्थना है, वही करवाई जाएगी। इसके अलावा कोई अन्य प्रार्थना नहीं करवाई जा सकती। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर प्रधानाध्यापक फुरकान मियां को निलंबित कर दिया गया है। - देवेंद्र स्वरूप, बीएसए
2011 से कराई जा रही थी मदरसे की दुआ
बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूल में हिंदू बच्चों को मदरसे की दुआ कराने का यह पहला मामला है। इससे पहले कभी जिले में ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है।
निलंबित प्रधानाध्यापक फुरकान की बात मान ली जाए तो कई साल से यही चल रहा था। वह 2011 से हिंदू बच्चों को मदरसे की दुआ कराई जा रही थी। अधिकारी आए दिन स्कूल का निरीक्षण करते हैं। बंदोबस्त से लेकर शिक्षा की गुणवत्ता तक की चेकिंग का दावा किया जाता है। इसके बावजूद यह सब कभी उजागर नहीं हुआ। मामला उठने के बाद भी कार्रवाई तब हुई जब डीएम से शिकायत दोबारा की गई। बेसिक शिक्षा विभाग इसको दबाने में जुट गया था। एसडीएम से बीते दिनों हुई शिकायत पर खंड शिक्षा अधिकारी को जांच दी गई लेकिन वह शुरू भी नहीं हो सकी। इसी से शिकायतकर्ताओं ने आभास लगा लिया था और सोमवार को वह डीएम के पास पहुंच गए।
खुद ही सोशल साइट पर अपलोड किया वीडियो
बता दें कि चार दिन पूर्व निलंबित किए गए प्रधानाध्यापक ने ही सोशल साइट पर बच्चों को मदरसे की दुआ कराते हुए वीडियो व्हाट्सएप पर वायरल किया था। इसी से मामला खुला। इसके पीछे क्या मकसद रहा, यह भी जांच का विषय है।