अक्टूबर - नवंबर में प्रस्तावित पंचायत चुनाव के मद्देनजर एक जून से बीएलओ घर घर जाकर वोट बनाएंगे। जिला प्रशासन ने बूथवार बीएलओ की तैनाती कर दी है, जिन्हें मई के अंतिम सप्ताह में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
जिलाधिकारी गौरव दयाल ने बताया कि 31 मई तक बीएलओ को प्रशिक्षण और वोटर लिस्ट तैयार करने का सामान दिया जाएगा। इसके बाद एक जून से 13 जुलाई तक बीएलओ वार्ड और ग्राम पंचायतवार वोटर लिस्ट के लिए घर-घर जाकर वोट बढ़ाएंगे। 14 जुलाई से सात अगस्त तक वोटर लिस्ट का कंप्यूटरीकरण होगा, उसके बाद आठ अगस्त को निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन होगा। आठ से 14 अगस्त तक दावे आपत्तियां ली जाएंगी और 20 अगस्त तक उनका निस्तारण होगा। 31 अगस्त को इन मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन होगा।
वोटर लिस्ट बनाने के अभियान के बाद स्थानीय स्तर पर प्रधान, क्षेत्र और जिला पंचायत की राजनीति में लिप्त लोग सक्रिय हो गए हैं। वह वोट बढ़वाने के प्रयास में लग गए हैं, उनकी कोशिश है कि अधिक से अधिक अपने समर्थक वोटर बढ़ाए जाएं।
शहरी वोटर नहीं बनेंगे पंचायतों के वोट
राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि शहरी निकायों के लोग ग्रामीण क्षेत्र में वोटर नहीं बन पाएंगे। ग्रामीण क्षेत्र का रहने वाला व्यक्ति ही ग्राम पंचायत का वोटर बन सकता है। शहरी क्षेत्र की वोटर लिस्ट में नाम होने की शिकायत आई तो ग्रामीण क्षेत्र की वोटर लिस्ट से नाम निरस्त करने के साथ-साथ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।