भमोरा ब्लाक के मिलक मझारा गांव की सेहत गंदगी और कच्ची शराब ने खराब कर दी है। यहां कई लोग सांस की बीमारी से पीड़ित हैं कुछ टीबी रोग के भी शिकार हैं।
करीब बारह हजार की आबादी वाली इस ग्राम पंचायत में यूं तो मिनी स्वास्थ्य केंद्र है, लेकिन अस्पताल हमेशा बंद ही रहता है। मिनी स्वास्थ्य केंद्र और उसके इर्दगिर्द गंदगी और घूरे के ढेर इसकी बेकदरी बयां करते है। इस केंद्र से ग्रामीण महिलाओं और बच्चों को वे सहूलियतें नहीं मिल पा रहीं जो मिलनी चाहिए।
गांव में कच्ची दारू बनाने और बेचने दोनों धंधे खूब चलते हैं। इस अवैध धंधे से जुड़े लोगों को सरदार नगर चौकी पुलिस पकड़ती तो है, लेकिन ले देकर छोड़ दिया जाता है।मिलक मझारा में सीसी रोड होने के बावजूद गंदगी की भरमार है। संकरी गलियां तो छोड़िए मुख्य रास्ते की नालियों में कीचड़ और उसमें कीड़े बजबजाते रहते हैं। कहने को यहां दो सफाई कर्मचारी तैनात हैं। मगर सफाई के नाम पर कुछ नहीं।
मफ्त मिलेगी दवाएं और जांच भी होगी
अमर उजाला फाउंडेशन मिलक मझारा में दो बार निशुल्क स्वास्थ्य शिविर लगा चुका है। अब एक जुलाई को फिर शिविर लगाकर ग्रामीणों का निशुल्क इलाज किया जाएगा और मुफ्त दवाएं दी जाएंगी। शिविर में 12 बजे तक पंजीकरण कराने वालों का ही इलाज हो पाएगा।
प्रधान की बात
अमर उजाला ने पहले दो बार गांव में कैंप लगाया। उससे तमाम लोगों को फायदा हुआ। इस बार कैंप से और ज्यादा लाभ होने की उम्मीद है। ग्रामीणों से ज्यादा से ज्यादा संख्या में पहुंचकर शिविर का लाभ उठाने को कहा जाएगा।- वीरपाल, ग्राम प्रधान