बाल विकास विभाग में जिला कार्यक्रम अधिकारी बुद्धि मिश्रा और सीडीपीओ राजेश कुमार के बीच छह महीने से छिड़ी जंग ने दोनों को ही निलंबित करा दिया। सोमवार को शहर के सीडीपीओ और प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी राजेश कुमार को आंगनबाड़ी केंद्रों में हॉट कुक वितरण के लिए प्रतिबंधित एनजीओ को करीब 10 लाख रुपये का भुगतान करने के मामले में निलंबित कर दिया है। इ्स दौरान उनको जिला कार्यक्रम अधिकारी मुरादाबाद से संबद्ध किया गया है। वहीं दूसरी ओर पिछले सप्ताह जिला कार्यक्रम अधिकारी बुद्धि मिश्रा को 26.50 लाख रुपये से आंगनबाड़ी केंद्रों को साज सज्जा का सामान शासन की अनुमति के बिना खरीदने के आरोप में निलंबित किया जा चुका है।
निदेशक बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार ने देर शाम डीएम को भेजे फैक्स में कहा है कि शहर के सीडीपीओ राजेश कुमार सिंह को निलंबित करते हुए मुरादाबाद डीपीओ कार्यालय से संबद्ध कर दिया है। इनके ऊपर प्रतिबंधित एनजीओ को नियम के विपरीत भुगतान करने के आरोपों की पुष्टि हुई है। इस मामले की जांच के लिए अपर निदेशक रश्मि सिंह बरेली आईं थीं। उन्होंने अभिलेखों के आधार पर इन्हें दोषी माना है। यह रिपोर्ट शासन को भेज दी गई थी, जिसके आधार पर निलंबित किया है। सरकारी धन के दुरुपयोग के मामले में एफआईआर भी विचाराधीन है। इन पर रामपुर की एक आंगनबाड़ी कार्यकत्री के साथ दुष्कर्म का मामला भी विचाराधीन है। इस मामले में पुलिस के साथ-साथ विभागीय स्तर पर भी कार्रवाई की जा रही है।
जिलाधिकारी गौरव दयाल ने बताया कि अब वरिष्ठ सीडीपीओ को प्रभारी कार्यक्रम अधिकारी का चार्ज दिलाने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। वहीं दूसरी ओर शासन में स्थाई डीपीओ की तैनाती के लिए लिखा गया है।