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एसी के चक्कर में 80 लाख की मशीनों का होगा बंटाधार

Sun, 21 Jun 2015 02:16 AM IST
बरेली
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 पिछले दो माह से खून का सूखा झेल रहे जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में हरियाली 14 जून को रक्तदाता दिवस के दिन आई जब 95 यूनिट रक्त संत निरंकारी आश्रम से जमा हुआ। लेकिन अब इस रक्त को संभालने के लिए बैंक में लगी महंगी मशीनें गर्मी में हांफने लगी हैं। एसी न होने की वजह से न केवल ब्लड स्टोरेज मशीन और फ्रिज बल्कि डिफरेंट कंपोनेंट सेंट्रीफ्यूज मशीन के भी खराब होने का खतरा है। अस्पताल प्रशासन की ओर से इसे बनाने के लिए एक हफ्ते से इलेक्ट्रीशियन जूझ रहे हैं, लेकिन एसी ठीक नहीं हो पाई।
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- स्टोर में रखी हैं महंगी मशीनें
महंगी ब्लड कंपोनेंट को सुरक्षित रखने के लिए सेंट्रीफ्यूज मशीन होती है। इसके माध्यम से खून से पीआरबीसी (पैक्ड रेड ब्लड सेल्स), प्लाज्मा व प्लेट्लेट्स अलग किया जाता है। इनक्यूबेटर एजेटाइटर मशीन फ्रोजन प्लाज्मा बाथ के काम आती है और प्लेट्लेट्स को भी सुरक्षित रखती है। ब्लड बैंक में मशीनों की कीमत 80 लाख से अधिक है। यहां रखा फ्रिज माइनस 70 से 80 डिग्री पर रखे गए प्लाज्मा को सेफ रखते हैं। स्टोर में चार स्पिलिट एसी लगे हैं। स्टोर में रखी मशीनें काफी संवेदनशील हैं। इसलिए कम से कम 30 से 35 डिग्री तापमान में मशीनाें को रखना चाहिए। एसी न होने से स्टोर का तापमान 40 डिग्री से अधिक पहुंचता है।
- ब्लड स्टोरेज रूम में भी एसी खराब
ब्लड बैंक में जमा रक्त को फ्रिज और कोल्ड स्टोरेज में रखा गया है। यहां रखे खून को माइनस तापमान में तो सुरक्षित रखा जा रहा है, लेकिन मशीनाें को बचाने के लिए लगा एसी एक माह से खराब है।
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पैथॉलजी प्रभारी डॉ. यूबी सिंह ने बताया गया कि ब्लड पूरी तरह से सुरक्षित हैं। मशीन के लिए एसी लगा है जो खराब है, इसकी सूचना दे दी गई है।
- स्टाफ भी नहीं है
यहां पैथालॉजिस्ट और कर्मचारियों की कमी की वजह से भी 24 घंटे ब्लड बैंक चलाने में दिक्कत आ रही है। यहां तीन पैथालॉजिस्ट की जगह केवल एक काम कर रहे हैं। लैब तकनीशियन दस की जगह छह हैं। चतुर्थ श्रेणी कर्मी अलग से नहीं है। सीएमएस ने शासन से स्टाफ भी मांगे हैं।
फोटो
- आखिर कितनी देर तक खून लेकर घूमे
जिला अस्पताल के ब्लड बैंक से खून मिलने के बाद तीमारदार उसे लेकर घूमते रहते हैं। शनिवार को मढ़ीनाथ के रतेंद्रपाल अपनी पत्नी के लिए ब्लड बैंक से लिए रक्त को लेकर दो घंटे तक धूप में भटकते रहे। इमरजेंसी में डॉक्टर और नर्स द्वारा खून लिए खड़े रतेंद्रपाल पर ध्यान नहीं दिया गया। डेढ़ बजे निकाला गया रक्त साढ़े तीन बजे के बाद चढ़ाया गया। उनकी पत्नी श्रीदेवी (61) फिमेल वार्ड में भर्ती हैं। उनको कई दिनों से बुखार आ रहा था और खून की कमी थी। डॉ. डीपी शर्मा का कहना है कि खून फ्रिज से मानइस तापमान से निकालने के बाद एक घंटे तक सामान्य तापमान पर रखा जाता है। ज्यादा देर न हो तो खून खराब नहीं होता।
वर्जन--
‘ब्लड बैंक में कभी एसी खराब हो रहा है तो कभी स्टेब्लाइजर। एसी बनने गई है। स्टोर में एसी की दिक्कत अभी तक मेरे सामने नहीं आई है, अगर दिक्कत है तो इसे ठीक कराया जाएगा। ब्लड बैंक में खून सुरक्षित है।’
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डॉ. डीपी शर्मा, सीएमएस, जिला अस्पताल
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