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दुकानें दो हजार और टॉयलेट एक भी नहीं

Sun, 21 Jun 2015 02:09 AM IST
बरेली
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 किसी भी बाजार की पहचान वहां ग्राहकों को मिलने वाली सुविधाओं से होती है। शहर के सर्राफा बाजार में कम से कम दो हजार दुकानें है, लेकिन टॉयलेट एक भी नहीं है। इससे दुकानदारों और ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। यहां बाजार में पांच नए कांपलेक्स भी बन रहे हैं। उनमें भी शौचालय नहीं बनाए जा रहे।  
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आलमगिरीगंज में सर्राफा बाजार, बताशों वाली गली, मटकी चौकी, घी मंडी बर्तन मार्केट, कपड़ा मार्केट समेत छोटी बड़ी दो हजार से ज्यादा दुकानें हैं। मार्केट में सबसे ज्यादा खरीददारी आभूषण, घी, बर्तन और कपड़ों की होती है। मार्केट में एक भी शौचालय और टॉयलेट नहीं होने से दूरदराज से आने वाले ग्राहकों खासतौर से महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। दुकानदार भी सार्वजनिक टॉयलेट की जरूरत महसूस करते हैं। कुछ दुकानदारों ने अपनी दुकानों के अंदर ही टॉयलेट के इंतजाम कर रखे हैं। बाहर से आने वाली महिला ग्राहकों को डिमांड पर ये सुविधा उपलब्ध करा देते हैं। बाकी ये बाजार सार्वजनिक टॉयलेट की समस्या दशकों से झेल रहा है। सर्राफा एसोसिएशन ने जब कभी सार्वजनिक टॉयलेट की मांग को आवाज उठाई तो जगह की कमी बताकर ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
कहां हैं विकल्प
सर्राफा एसोसिएशन के पदाधिकारियों के मुताबिक घी मंडी में सड़क के किनारे जगह खाली पड़ी है। यहां टॉयलेट बनाया जा सकता है। इसके अलावा गट्टूमल वाली गली, साहू राम स्वरूप डिग्री कालेज रोड पर भी विकल्प मौजूद है।
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क्या कहते हैं मार्केट के दुकानदार
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‘सर्राफा बाजार में ग्राहकों की पूरे दिन भीड़ रहती है। इनमें महिलाओं की संख्या ज्यादा होती है। बाजार में शौचालय की तो छोड़ो, एक भी टॉयलेट तक नहीं है। बाजार में कम से कम दो से तीन टॉयलेट की सख्त जरूरत है।’ मोतीलाल मेहरा, अध्यक्ष सर्राफा बाजार एसोसिएशन
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‘आलमगिरीगंज में सर्राफा बाजार के अलावा घी मंडी, बताशा मंडी और बर्तन मार्केट भी है। ग्राहकों की पूरे दिन भीड़ रहती है। जब कभी महिलाओं को परेशानी होती है तो घर ले जाना पड़ता है। इतनी बड़ी आबादी में दो से तीन सार्वजनिक टॉयलेट होने ही चाहिए।’ कौशल अग्रवाल, जिला कोषाध्यक्ष कांग्रेस कमेटी
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‘ बाजार में सार्वजनिक टॉयलेट की सख्त जरूरत है। आये दिन दुकानदार और ग्राहक दोनों को परेशानी होती है। मेयर, नगर आयुक्त और व्यापारी मिलकर पहल करें तो नए टॉयलेट बनने में कितनी देर लगेगी।’ नजीम अंसारी, बुजुर्ग कांग्रेस नेता
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‘शहर के बाजारों में नगर निगम शौचालय या टॉयलेट बनाने की पहल करे तो व्यापारी आर्थिक सहयोग भी देने को तैयार हैं। इससे बाहर के लोग शहर के बाजारों की छवि अच्छी लेकर जाएंगे। बाजारों में जगह की कोई कमी नहीं है। जगह हम चिह्नित करके दे देंगे।’ राजेश जसोरिया, महानगर अध्यक्ष उद्योग व्यापार मंडल
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‘सर्राफा बाजार में पहले टॉयलेट बना था। वह रातोंरात गायब हो गया। दूर दराज के इलाकों से सोना चांदी, कपड़ा और बर्तन की खरीददारी करने वाली महिलाओं को परेशानी होती है। वह किससे कहें अपनी पीड़ा और कहां जाएं। हम बाजार में जगह तलाश कर नए टॉयलेट बनवाएंगे।’ मुनीश शर्मा, पूर्व पार्षद

‘यहां नया टॉयलेट प्रस्तावित है। जगह की तलाश की जा रही है। सर्राफा दुकानदारों से बातचीत कर जगह फाइनल होनी है। इसके बाद टॉयलेट का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा।’ डॉ. आईएस तोमर, मेयर
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