बड़ा बाईपास पर बिना नक्शा स्वीकृत कराए अवैध कॉलोनियां बसाने और ग्रीन बेल्ट की जमीन पर अनाधिकृत प्लाटिंग करने में डेढ़ दर्जन कब्जेदार चिह्नित किए गए हैं। बीडीए अवैध कब्जेदारों की सूची तैयार करने में लगा है। जिन कब्जेदारों के चालान काटे जा चुके हैं, उनका निर्माणध्वस्त किया जाएगा।
अमर उजाला ने 14 जून को बड़ा बाईपास पर बिना नक्शा स्वीकृत कराए अवैध कॉलोनियां बसाने और ग्रीन बेल्ट की जमीन पर अवैध प्लाटिंग करने का मामला उठाया था। इस पर बीडीए उपाध्यक्ष ने डिप्टी सेक्रेटरी की अध्यक्षता में जांच कमेटी बनाकर रिपोर्ट मांगी थी। बीडीए की जांच टीम ने लगातार दो दिन तक परसाखेड़ा से रजऊ परसपुर तक बड़ा बाईपास का भ्रमण कर आर्यन सिटी के नाम से दो कॉलोनियां बसाने समेत डेढ़ दर्जन अवैध निर्माण चिह्नित किए हैं। इनमें 11 अवैध निर्माणकर्ताओं के सितंबर 2014 में चालान भी काटे जा चुके हैं। अब पुरानी सूची का नये कब्जेदारों से मिलान किया जा रहा है ताकि दोनों पर अलग-अलग कार्रवाई की जा सके। जिन अवैध निर्माणकर्ताओं के पिछली बार चालान हो चुके हैं, नई कार्रवाई में उनके निर्माण पुलिस की मदद से ध्वस्त कराए जाएंगे। जो निर्माण पहली बार अनाधिकृत मिले हैं, उन भवन मालिकों के नाम चालान काटकर नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। बीडीए के डिप्टी सेक्रेटरी अजय कुमार ने बताया कि बड़ा बाईपास पर किसी भी निर्माण या कॉलोनी का नक्शा स्वीकृत नहीं है। इनमें कुछ का पिछली बार भी चालान किया जा चुका है। अवैध निर्माणकर्ताओं की नये सिरे से सूची तैयार कर जल्द ही उपाध्यक्ष को सौंप दी जाएगी।
वर्जन
बड़ा बाईपास पर जो कमेटी बनाई गई है, उसकी रिपोर्ट अभी मिली नहीं है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद कब्जेदारों पर नियमों के तहत कार्रवाई होगी। अवैध निर्माण अभियान चलाकर ध्वस्त कराए जाएंगे। -डॉ. शशांक विक्रम सिंह, बीडीए उपाध्यक्ष।