इज्जतनगर थाना क्षेत्र के गांव करमपुर चौधरी में मदरसे में जलसे पर हुए पथराव के दौरान घायल लोगों के जख्म अभी भरे नहीं हैं। नबीर-ए-आला हजरत मौलाना तसलीम मियां और हजरत शाह सकलैनी एकेडमी के सरपरस्त मुमताज मियां के गले मिलने से तमाम सवाल खडे़ होने लगे हैं। पुलिस की दबिशें भी बंद हो गई हैं। अटकलें यह लगाई जा रही है कि इस मामले में अब फाइनल रिपोर्ट लगेगी या आरोपियों की गिरफ्तारी होगी।
पखवाड़े भर पहले गांव में एक धार्मिक जलसे के दौरान नारे लगाने को लेकर विवाद होने पर पथराव कर दिया गया था। इस दौरान छह सकलैनी घायल हुए थे। मामले में मदरसे के संचालन मौहम्मद इस्लाम की ओर से आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। इनमें से तीन को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। करमपुर की जामा मस्जिद और अजहरी मस्जिद के इमामों समेत कई नामजद लोगों के पुलिस ने वारंट ले लिए हैं। दरगाह शाह शराफत मियां दरगाह के जिम्मेदार और हजरत शाह सकलैन एकेडमी के सरपरस्त और दरगाह आला हजरत से नबीर-ए-आला हजरत मौलाना तसलीम मियां दो दिन पहले आपस में गले मिल गए हैं। उन्होंने एक-दूसरे से वादा किया है कि रजवी और सकलैनी अब नहीं लड़ेगें। इसके बाद से पुलिस ने नामजदों की तलाश में दबिश की कार्रवाई बंद कर दी है। लेकिन आरोपियों के कोर्ट से वारंट लेकर यह भी बता दिया है कि कभी भी गिरफ्तारी की जा सकती है। एसओ कमल सिंह ने बताया कि उन्हें अभी समझौते का पत्र नहीं मिला है। मिलेगा तो उच्चाधिकारियों से निर्देश लेकर आगे की कार्रवाई करेंगे।