रजऊ में बंदरों का जबर्दस्त आतंक, दो साल में पांच लोगों की ली जान
बिथरी चैनपुर। रजऊ परसपुर गांव के बंदरों का जबर्दस्त आतंक है। बंदरों के हमले से अब एक युवती की जान चली गई। युवती छत पर थी, तभी बंदरों ने हमला बोल दिया। इससे युवती छत से नीचे गिर गई। गंभीर रूप से घायल युवती को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया। गांव में दो साल के भीतर बंदरों के हमले में पांच लोगों की मौत हो चुकी है।
रजऊ परसपुर निवासी शिवदयाल की 20 वर्षीय पुत्री मिथलेश रविवार दोपहर छत पर कपड़े सुखाने गई थी, तभी छत पर मौजूद बंदरों के झुंड ने उस पर हमला कर दिया। मिथलेश घबराकर बचने के लिए भागी तो छत से नीचे सड़क पर गिर गई। चीख सुनकर परिवार के लोगों ने बाहर निकलकर देखा तो मिथलेश सड़क पर बुरी तरह लहूलुहान पड़ी थी। परिजन तुरंत मिथलेश को जिला अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। हादसे के बाद से घर में कोहराम मचा है।
रजऊ गांव में बंदरों के हमले से दो साल में ये पांचवीं मौत है, जबकि 12 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं। दो साल पहले बंदर से कपड़ा छुड़ाने की कोशिश कर रही बिटोली देवी पर बंदरों के झुंड ने हमला कर उन्हें गिरा दिया था, इससे उनकी मौत हो गई थी। इसके बाद कुंवरसेन यादव और एक बुजुर्ग महिला समेत एक अन्य पर भी बंदरों ने हमला किया था। इन लोगों की भी मौत हो गई थी। ग्राम प्रधान गीता राजपूत ने बताया कि वह कई बार प्रशासन और वन के अफसरों से बंदरों के हमलों की शिकायत कर चुकी हैं लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।