बरेली। बाराबंकी में मानकों को दरकिनार कर 46 ग्राम पंचायतों को दी गई करीब 13 करोड़ रुपए की परफार्मेंस ग्रांट वितरण के घोटाले में डीपीआरओ पर एफआईआर दर्ज होने के बाद बुधवार को उन्होंने सात दिन के अवकाश के लिए प्रार्थना पत्र सीडीओ को दिया है। दिए प्रार्थना पत्र पर सीडीओ ने अवकाश की मंजूरी नहीं दी है। फिर भी डीपीआरओ अवकाश पर चले गए हैं।
डीपीआरओ चंद्रिका प्रसाद की ओर से मांगे गए अवकाश की सुनवाई न होने के बाद भी अवकाश पर चले जाने के बाद यह मामला विकास भवन के सभी दफ्तरों में चर्चा का विषय बना हुआ है। मामले पर आलमपुर जाफराबाद ब्लॉक प्रमुख आदेश यादव ने सीडीओ को पत्र सौंपकर जानकारी मांगी है। साथ ही, कार्रवाई की मांग की है। आदेश यादव का कहना है कि इससे पहले भी डीपीआरओ ने सात दिन का अवकाश लिया था लेकिन इसकी कोई ठोस वजह बताए बिना गए थे। वहीं, इस बार भी उन्होंने कारण स्पष्ट नहीं किया है। तो दूसरी ओर, विभागीय सूत्रों के मुताबिक डीपीआरओ लंबे समय से पीठदर्द से परेशान हैं। पहले डॉक्टर ने सात दिन का बेड रेस्ट बताया था और अब ऑपरेशन कराने का परामर्श दिया है। पहले उन्होंने कारण स्पष्ट नहीं किया है लेकिन इस बार सीडीओ को कारण बताते हुए प्रार्थना पत्र दिया लेकिन अवकाश की मंजूरी नहीं मिली। मामले पर सीडीओ सत्येंद्र कुमार को कॉल की गई लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।