बरेली। परसाखेड़ा के गांव नंदौसी में ठाकुर जी महाराज मंदिर की 12 बीघा जमीन खुर्दबुर्द कर देनेे का मामला सामने आया है। डीएम की तरफ से कराई गई जांच के बाद प्रथम दृष्टया यह उजागर हुआ है कि मंदिर के सर्वराकार ने वर्ष 1986 मेें इस जमीन का बैनामा अपने दो बेटों के नाम कर दिया था, जबकि मंदिर की जमीन बेची नहीं जा सकती है। सर्वराकार अपनी जगह किसी और को सर्वराकार भी नियुक्त नहीं कर सकता है। दूसरा सर्वराकार सिविल कोर्ट के आदेश पर नियुक्ति करने का प्रावधान है। तहसीलदार को रिकार्ड खंगालने के बाद पता चला कि बाद में सर्वराकार के बेटों ने 12 लोगों को यह जमीन बेच दी। तहसीलदार ने खातेदारों के बयान दर्ज करने के लिए उन्हें नोटिस जारी किया है।
नंदोसी में काफी पुराना ठाकुर जी महाराज मंदिर है। इसके नाम खाता संख्या-16 पर अंकित गाटा संख्या 148, 149, 151 और 616 पर 12 बीघा रकबा मंदिर के सर्वराकार कैलाश नारायन निवासी साहूकारा के नाम संक्रमणीय भूमि के रूप में दर्ज था। तत्कालीन डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह से यह शिकायत की गई कि इस जमीन का अवैध तरीके से बैनामा कर उसकी बिक्री कर दी गई है। 20 जून को डीएम ने एसडीएम सदर अमरेश कुमार को अभिलेखों की जांच कर रिपोर्ट देने को कहा था। एसडीएम ने तहसीलदार आशुतोष गुप्ता को जांच अधिकारी नामित कर दिया। खतौनी, अभिलेख खंगालने पर सामने आया कि कैलाश नारायन के स्थान पर भूमि उनके दो पुत्रों अशोक कुमार अरोड़ा और अखन कुमार अरोड़ा के नाम दर्ज हो गई है, जबकि तहसीलदार का कहना है कि सर्वराकार अपनी संपत्ति का बैनामा नहीं कर सकता। न ही वह किसी को सर्वराकार नियुक्त कर सकता है। दूसरे सर्वराकार की नियुक्ति सिविल कोर्ट के आदेश पर की जाती है। इसके बावजूद बैनामा कराने वाले सर्वराकार के दोनों बेटों ने बाद में विभिन्न लोगों की इस जमीन की बिक्री भी कर दी। फिलहाल तहसीलदार आशुतोष गुप्ता ने इस मामले की जांच आगे बढ़ाते हुए बयान के लिए जमीन के 12 खातेदारों को नोटिस जारी किया है।
जमीन विवाद में इन खातेदारों को भेजा गया नोटिस
सिविल लाइंस निवासी कॉमर्शियल मोटर प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर शुभम् गुप्ता, रेजीडेंसी गार्डन स्टेडियम रोड निवासी गंगा विनियस एंड प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर राजेंद्र कुमार, नंदोसी निवासी विद्या देवी, शाह कॉलोनी, शाहजहांपुर (हाल निवासी श्याम वाटिका) के कल्पित अग्रवाल, अशोक अग्रवाल, शिवम अग्रवाल, निधि अग्रवाल, साधना अग्रवाल, अशोक विहार दिल्ली निवासी पवन अग्रवाल और नंदोसी निवासी मलखान सिंह यादव।
यह मामला बेहद गंभीर है। सर्वराकार की जगह सिविल कोर्ट के आदेश पर दूसरे सर्वराकार की नियुक्ति होती है। इस मामले में सर्वराकार के अपने बेटों के नाम मंदिर की जमीन का बैनामा करने का प्रकरण सामने आया है। इसमें जांच करते हुए जमीन के सभी 12 खातेदारों को नोटिस जारी किया गया है।
- आशुतोष गुप्ता, तहसीलदार सदर