बरेली। मंडी निरीक्षक के नाम से जारी सौ पन्नों की ‘गायब’ गेटपास बुकलेट को तलाशने में पूरा अमला जुटा है, लेकिन बुकलेट नहीं मिल पा रही है। ‘गायब’ गेटपास बुक से लाखों रुपये की राजस्व चोरी की आशंका जताई जा रही है। इसका खुलासा होते ही मुख्यालय से गोपनीय जांच शुरू हो गई है। अपर निदेशक का जांच आदेश पत्र उप निदेशक (प्रशासन) कार्यालय बरेली से लीक होने पर एक और जांच शुरू हो गई है।
अक्सर विवादों में रहने वाले उप निदेशक (प्रशासन/ विपणन) शिवमंगल सिंह चंदेल एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं, क्योंकि मंडी निरीक्षक जगवीर सिंह के नाम जारी सौ गेटपास की बुकलेट पिछले माह ‘गायब’ हो गई थी। औपचारिकता के लिए थाना बारादरी में तहरीर भी दी गई, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। मंडी समिति कार्यालय ने चुपचाप कागजों पर बुकलेट को अवैध घोषित कर दिया। मामला मीडिया में उछला तो परिषद में हड़कंप मच गया। अपर निदेशक कुमार विनीत ने इसे गंभीरता से लेते हुए गोपनीय जांच शुरू करा दी। उन्होंने निदेशक (प्रशासन/ विपणन) बरेली शिवमंगल सिंह चंदेल के नाम गोपनीय पत्र लिखकर तीन दिन में जांच करने के आदेश दिए, लेकिन यह गोपनीय पत्र मीडिया तक पहुंच गया। इससे अपर निदेशक बेहद क्षुब्ध हैं। पत्र लीक होने पर उन्होंने उप निदेशक चंदेल का जवाब तलब किया है। अपर निदेशक ने कहा कि गोपनीय पत्र लीक करने वाले अधिकारी और कर्मचारी बख्शे नहीं जाएंगे।
.. इस्तेमाल तो नहीं हो गए गायब गेटपास
मंडी निरीक्षक जगवीर सिंह के नाम इश्यू सौ गेटपास की बुकलेट तलाशने पर भी नहीं मिल पाई है। ‘गायब’ गेटपास बुकलेट तलाशने के लिए स्टाफ बुधवार को भी जुटा रहा। शायद गेटपास इस्तेमाल हो चुके हैं, इसलिए ही बुकलेट नहीं मिल पा रही है। मामला मुख्यालय तक पहुंचने के बाद उप निदेशक और उनका कार्यालय चर्चा में आ गए हैं।