फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अनुदान में गोलमाल करने वाले स्कूलों ने नहीं दिया रिकॉर्ड, जांच शुरू

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। कंपोजिट ग्रांट, खेल और पुस्तकालय अनुदान राशि में गोलमाल करने वाले स्कूलों ने रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया। अब सीडीओ के निर्देश पर पंचायत स्तरीय टीमों ने स्कूलों की जांच शुरू कर दी है। 75 स्कूलों की रिपोर्ट मंगलवार तक सीडीओ के पास पहुंचेगी। एक सप्ताह के भीतर सभी स्कूलों की रिपोर्ट देने को कहा गया है। सीडीओ ने स्पष्ट कहा है कि अगर गड़बड़ी मिली तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन

दरअसल, स्कूलों में कंपोजिट ग्रांट, खेल और पुस्तकालय के लिए करोड़ों रुपये का अनुदान दिया गया, लेकिन स्कूलों में इस रकम का बंदरबांट हो गया। अधिकतर स्कूलों ने काम कराए बगैर ही उपभोग रिपोर्ट भी तैयार कर दी। शिकायत के बाद जब सीडीओ ने कुछ स्कूलों की जांच तो हकीकत सामने आ गई। अब जिले के सभी स्कूलों की जांच कराई जा रही है। 144 टीमें लगाई गई हैं। सोमवार से स्कूलों की जांच शुरू हो गई। टीमों को निर्देश दिए गए हैं कि स्कूल में जितनी ग्रांट गई है, उसका संपूर्ण उपयोग हुआ है या नहीं, बैंक में कितने रुपये बचे हैं? इसके अलावा जो कार्य दिखाए गए हैं, उनकी गुणवत्ता क्या है? इन सबकी जांच होगी। सीडीओ सत्येंद्र कुमार का कहना है कि मंगलवार को रिपोर्ट आनी शुरू हो जाएंगी। एक सप्ताह के भीतर सारी रिपोर्ट आ जाएंगी। जहां गड़बड़ियां मिलेगी वहां कठोर कार्रवाई की जाएगी।

30 अधिकारियों की टीम ने शुरू की शौचालयों में गड़बड़ी की जांच
बरेली। शौचालयों में गड़बड़ी की जांच को लगाई गई 30 अधिकारियों की टीम के साथ सीडीओ सत्येंद्र कुमार ने सोमवार को बैठक की। मंगलवार से 60 गांवों में जांच करने के निर्देश दिए। जिन गांवों में शौचालय अधूरे हैं वहां प्रधान और सचिव पर एफआईआर कराई जाएगी। डीपीआरओ चंद्रिका प्रसाद ने बताया कि 60 गांवों में शौचालय अधूरे थे। सीडीओ के निर्देश पर टीमें लगाकर मंगलवार से इनकी जांच शुरू करा दी जाएगी।
विज्ञापन


जांच में गर्दन फंसी तो कराया शौचालयों का निर्माण पूरा
बरेली। मीरगंज के धंतिया गांव में शौचालयों के निर्माण में चार लाख से ज्यादा के गबन का मामला सामने आया था। जांच में शौचालय भी अधूरे मिले थे। डीपीआरओ ने ग्राम पंचायत अधिकारी, सचिव और प्रधान पर एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए थे, लेकिन बीडीओ ने रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई। गांव के लोगों ने केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार से शिकायत की। केंद्रीय मंत्री ने मामला कमिश्नर तक पहुंचाया तो उन्होंने डीएम से रिपोर्ट मांगी। सीडीओ ने तत्काल मामले में कार्रवाई को कहा, लेकिन कार्रवाई से पहले झटपट शौचालय बन गए। डीपीआरओ चंद्रिका प्रसाद ने बताया कि धंतिया गांव में अधूरे पडे़े शौचालय बन गए हैं। 315 में 288 ही शौचालय बने थे। अब कार्य पूरा हो गया जिस कारण एफआईआर दर्ज नहीं कराई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें