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अनुसूचित जाति की छात्र को अलग बैठाने पर आयोग ने दिए एफआईआर दर्ज करने के आदेश

Tue, 15 Oct 2019 02:44 AM IST
बरेली ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरेली
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प्रतिकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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नवाबगंज के गांव अभयराजपुर के प्राइमरी स्कूल में अनुसूचित जाति की छात्रा को दूसरे बच्चों के बीच से उठाकर धूप में ‘मुर्गा’ बनाने और उस पर जातिगत टिप्पणी करते हुए पिटाई करने के मामले का राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने स्वत: संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन को आरोपी शिक्षिका के खिलाफ एफआईआर कराने के साथ पीड़ित बच्ची को सुरक्षा और आर्थिक मदद देने का आदेश दिया है। उधर, सोमवार को यह मामला अखबारों की सुर्खियां बनने के बाद अफसर भी गांव की ओर दौड़े। हालांकि फिलहाल जांच के नतीजे का खुलासा नहीं किया गया है।

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अभयराजपुर के अनुसूचित जाति के राजेश पाल ने रविवार को नवाबगंज कोतवाली आकर गांव के प्राइमरी स्कूल की शिक्षक संध्या शर्मा के खिलाफ तहरीर दी थी। आरोप था कि उनकी बेटी मोहिनी गांव के स्कूल में कक्षा चार में पढ़ती है जिसे शिक्षक संध्या शर्मा ने शनिवार को दूसरे बच्चों के साथ बैठा देखकर डांटा और बाहर जाकर बैठने को कहा। उस पर यह कहते हुए जाति आधारित टिप्पणी भी की कि उसका काम शौचालयों की सफाई करने का है और पढ़-लिखकर वह डीएम नहीं बन जाएगी।

शिक्षक की डांट के बाद भी मोहिनी नहीं उठी तो उन्होंने उसे बाल पकड़कर पीटते हुए बाहर धूप में ले जाकर मुर्गा बना दिया। सोमवार को राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने इस प्रकरण का स्वत: संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन को आरोपी शिक्षिका के विरुद्ध एफआईआर कराकर पीड़ित को सुरक्षा व्यवस्था और नियमानुसार आर्थिक सहायता देने के आदेश दिए, साथ ही इसकी अनुपालन रिपोर्ट भी मांगी है।
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बसपा ने दिया ज्ञापन
एससी छात्रा के साथ हुए दुर्व्यवहार से नाराज बसपा नेताओं ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की है। इस दौरान जगदीश प्रसाद, नरेंद्र सागर, डॉ. जयपाल सिंह, विजय आनंद, गौरव गौतम आदि मौजूद रहे।

पीड़ित परिवार बोला- न्याय न मिला तो छोड़ देंगे गांव
छात्रा मोहिनी के पिता राजेश पाल ने कहा है कि मंगलवार को वह पुलिस और प्रशासनिक अफसरों से मिलकर कार्रवाई की मांग करेंगे और अगर उन्हें न्याय न मिला तो गांव छोड़कर चले जाएंगे। राजेश पाल ने बताया कि गांव में दो ही परिवार उनकी जाति के हैं। गांव के लोग उन्हें परेशान कर रहे हैं। सोमवार सुबह आरोपी शिक्षिका बच्चों को सिखा रही थीं कि अधिकारियों के सामने वे उनका साथ दें। बच्चों को धमकाया भी कि उनकी बात न मानी तो स्कूल से नाम काट कर भगा देंगी। दंपती ने कहा कि यदि न्याय नहीं मिला तो वे गांव छोड़कर चले जाएंगे। बोले, बेटी भी डरी हुई है और स्कूल भी नहीं जा रही है।

एबीएसए के साथ पुलिस भी जांच करने गांव पहुंची
सोमवार को एबीएसए विवेक शर्मा और कोतवाली के सब इंस्पेक्टर वीरेंद्र राणा गांव में जांच करने पहुंचे। एबीएसए ने बताया कि छात्रा स्कूल नहीं आई थी लिहाजा जांच पूरी नहीं हो सकी। स्कूली बच्चों, शिक्षकों और गांव वालों के बयान दर्ज किए हैं। मंगलवार को दोबारा जांच की जाएगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इंस्पेक्टर नवाबगंज गौरव सिंह ने बताया कि पुलिस जांच करने गांव जरूर गई थी लेकिन अभी जांच रिपोर्ट नहीं मिली है। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही कार्रवाई होगी।

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