बरेली। खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन (एफएसडीए) विभाग बरेली टीम ने गांधी जयंती पर भी सफाई अभियान तक नहीं चलाया। जबकि
पिछले दिनों मंडलायुक्त की समीक्षा बैठक में प्रतिबंधित प्लास्टिक, कैरीबैग, प्लास्टिक और थर्मोकोल से निर्मित एक बार उपयोग (सिंगल यूज) उत्पादों के विरुद्ध अभियान नहीं चलने पर असंतोष जताया गया था। हालांकि इसका असर मंडल के तीन अन्य जिलों में दिखा। बरेली टीम पहले से ही मिलावटी उत्पादों के खिलाफ अभियान नहीं चला रही है।
जिला एफएसडीए टीम किसी अज्ञात संरक्षण के चलते ही मिलावट और सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ अभियान नहीं चला रही है। जबकि पिछले दिनों एफएसडीए विभाग अपर सचिव अनिता भटनागर जैन ने 27 सितंबर से 5 अक्टूबर तक मिलावटी खाद्य पदार्थाें के खिलाफ प्रभावी अभियान चलाने के निर्देश दिए थे और विभागीय आयुक्त मिनिस्ती एस. जिला अभिहित अधिकारी धर्मराज मिश्रा को मनमानी कार्यशैली से क्षुब्ध होकर कारण बताओ नोटिस जारी किए थे। अभी इसका कोई जवाब तक नहीं दिया गया है। तीस सितंबर को मंडलायुक्त रणवीर प्रसाद ने 18 बिंदुओं पर समीक्षा बैठक बुलाई, इसमें मिश्रा नदारद रहे।
कमिश्नर अचानक शाहजहांपुर चले गए और समीक्षा बैठक अपर आयुक्त अरुण कुमार से कराई। इसमें 18 वें बिंदु पर प्रतिबंधित प्लास्टिक और थर्मोकोल से निर्मित सिंगल यूज उत्पादों के खिलाफ कोई अभियान नहीं चलने पर गंभीर असंतोष जताया गया था। बैठक में मिलावटी वस्तुओं के परिणामों आदि पर भी नाराजगी जताई गई थी। साथ ही गांधी जयंती दो अक्टूबर को खास अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। इसका पालन बदायूं जिला ने करते हुए हजारों रुपये की पालीथिन जब्त की, शाहजहांपुर और पीलीभीत में भी एफएसडीए ने उल्लेखनीय कार्य किया, लेकिन बरेली एफएसडीए टीम ने दो अक्टूबर को घर से नहीं निकली और ना ही मिलावटी खाद्य पदार्थाें के खिलाफ कोई अभियान चलाया।
एफएसडीए अफसरों ने स्वच्छता अभियान चलाया या नहीं, इसकी जानकारी ली जाएगी। गांधी जयंती पर अभियान नहीं चला है तो यह गंभीर है।
- महेंद्र कुमार सिंह, एडीएम सिटी