बरेली। रोडवेज में पिछले दिनों रिश्वतखोरी के मामले में लिपिक को भले ही निलंबित कर दिया गया है, मगर बस के चालक परिचालकों के निशाने पर एआरएम ही हैं। उन्होंने सोमवार को फिर एआरएम के खिलाफ एंटी करप्शन विभाग को शिकायतें सौंपी हैं। रोडवेज में पिछले दिनों परिचालक कुणाल राय से लिपिक राजीव सक्सेना को रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन टीम ने पकड़ा था। जिसे जेल भेज दिया गया है। इस मामले की रोडवेज में अभी जांच चल रही है। हालांकि इसमें त्वरित कार्रवाई करते हुए आरएम एसके बनर्जी ने लिपिक को उसी दिन निलंबित कर दिया था। इस मामले में परिचालक ने अपने बयान में लिपिक से ज्यादा एआरएम एसके वर्मा को दोषी ठहराया था और कहा था कि उन्हीं के इशारे पर पैसे लिए गए हैं। इधर आरएम ने उसी दिन साफ कर दिया था कि इस मामले की जांच कराई जाएगी। इसमें जो भी दोषी होगा चाहे कर्मचारी हो या अधिकारी, आरोप साबित होने पर कार्रवाई होगी।