बदायूं। सरकार की ओर से किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए कई योजनाएं संचालित की गई हैं। इसमें 60 साल की उम्र से किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना के तहत पेंशन, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड समेत कई योजनाओं का जमकर प्रचार प्रसार किया जा रहा है। इन सबके बीच में उन किसानों के परिवार की सिसकियां किसी को नहीं सुनाई देतीं, जिनके परिवार का कोई सदस्य किसी दुर्घटना में दुनिया से उठ चुका है। सरकार ने ऐसे परिवारों को आर्थिक राहत देने के लिए किसान दुर्घटना बीमा योजना संचालित की, लेकिन जिम्मेदार कंपनी किसानों की मौत पर ऐसी आपत्तियां लगाती है कि उनकी सफाई नहीं दी जा सकती। ऐसी ही आपत्तियां लगाने पर अब ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी पर 10.80 लाख का जुर्माना डाला गया है।
सरकार की ओर से उन परिवारों को आर्थिक मदद देने के लिए किसान दुर्घटना बीमा योजना शुरू की गई, जिन किसानों के परिवार का कोई सदस्य किन्हीं कारणों की वजह से इस दुनिया में नहीं रहा या फिर उसने अपने हाथ-पैर गवां दिए, जिसकी वजह से वह अब खेत पर काम करने योग्य नहीं बचा। ऐसे परिवारों के आश्रित की ओर से योजना के तहत औपचारिकताएं पूरी करते हुए कंपनी को फॉर्म देना पड़ता है। दावा प्रपत्र मिलने के बाद कंपनी द्वारा अपने सर्वेयर को भेजकर सर्वे कराया जाता है। खेल यहीं से शुरू होता है। इसके बाद सर्वेयर की ओर से ऐसी रिपोर्ट लगाई जाती है, उसे काटना मुश्किल होता है। कंपनी दावा प्रपत्र विलंब से मिलने अथवा मृत्यु के कारणों को लेकर ऐसी आपत्तियां लगाती है, जिससे दावों का निस्तारण नहीं हो पाता है और मृतक आश्रित बीमा की राशि पाने के लिए कार्यालयों में चक्कर काटते रहते हैं। हालत ये है कि कंपनी की ओर से 14 सितंबर 2018 से लेकर 30 जून 2019 तक करीब 243 मामले पेंडिंग रखे गए। इसकी जानकारी होने पर एडीएम एफआर की ओर से बीमा कंपनी ओरिएंटल इंश्योरेंस पर 10.80 लाख रुपये का जुर्माना डाला गया है, साथ ही कंपनी को जल्द धनराशि पीड़ितों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
यह है योजना और उसकी प्रक्रिया
सन 2004 में शासन ने खातेदार और सहखातेदार किसानों के लिए कृषक दुर्घटना बीमा योजना की शुरुआत की थी। उम्मीद थी कि किसान परिवारोें को बुरे वक्त में इससे काफी सहारा मिलेगा, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। योेजना में प्राविधान है कि सर्पदंश, नदी, तालाब, पोखर में डूबने, मकान की छत, दीवार या पेड़ गिरने, वाहन दुर्घटना, डकैती, मारपीट में मृत्यु होने पर मृतक आश्रित को बीमा राशि के रूप में एक लाख रुपये मिलेंगे।
एक हजार रुपये पड़ेगी पेनाल्टी
-दावों का निस्तारण करने के बाद अगर बीमा कंपनी द्वारा समय रहते कृषक बीमा योजना का लाभ नहीं दिया गया तो उस पर एक हजार रुपये प्रति सप्ताह, प्रति दावा के हिसाब से जुर्माना पड़ेगा। ये जुर्माना दावाकर्ता के बैंक खाते में जमा करना होगा, जिसके निर्देश एडीएम की ओर से बीमा कंपनी को दिए गए हैं।
अगस्त माह में 22 दावे पड़े हैं लंबित
-कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तहत जिले के 41 किसानों ने दुर्घटना होने पर दावे बीमा कंपनी को प्रस्तुत किए हैं। जिसमें अभी 22 दावे लंबित हैं जबकि 12 को लाभ दिया जा चुका है। सात दावों को निरस्त कर दिया गया है। जिनका सत्यापन कराया जा रहा है।
ओरिएंटल इंश्योरेंस बीमा कंपनी के पास करीब ढाई सौ के आसपास दावे लंबित है। ऐसे में बीमा कंपनी पर 10.80 लाख रुपये का जुर्माना डाला है, साथ ही बीमा कंपनी को जल्द धनराशि पीड़ितों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
-नरेंद्र बहादुर सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व
हां, प्रशासन की ओर से कंपनी पर जुर्माना डाला गया है। मैंने हाल-फिलहाल में चार्ज संभाला है। देखता हूं कि क्या वजह रही, जो फाइल पेंडिंग रही। इसकी जांच कराएंगेे, उसके बाद में ही कुछ कह पाना संभव है।
-हर्ष सिंह, प्रबंधक, ओरिएंटल इंश्योरेंस