बरेली। आंवला तहसील में कार्यरत एक महिला लेखपाल विदेश गईं थीं या नहीं। डीएम ने इस प्रकरण की जांच के आदेश एडीएम प्रशासन को दे दिए हैं। शासन में यह शिकायत हुई थी कि लेखपाल ने खुद को बेरोजगार दिखाकर पासपोर्ट बनवा लिया। जबकि नियमानुसार सरकारी सेवा में आने के बाद उन्हें पासपोर्ट बनवाने से पहले विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना जरूरी था।
शासन में यह शिकायत पहुंची थी कि आंवला तहसील में कार्यरत लेखपाल पायल अग्रवाल ने 30 दिसंबर 2016 को पासपोर्ट बनवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। शिकायत के मुताबिक, पायल ने पासपोर्ट विभाग को गलत जानकारी दी कि वे बरोजगार हैं। उन्होंने ये तथ्य छुपाया कि उनकी नियुक्ति लेखपाल के पद पर मई 2016 में ही हो गई थी। पासपोर्ट नियमावली यह है कि केंद्र या राज्य सरकार के कर्मचारी को पासपोर्ट आवेदन करने के लिए संबंधित विभाग को इसकी जानकारी देते हुए ‘नो ऑब्जक्शन सर्टिफिकेट’ लेना होता है। आरोप है कि पायल ने तथ्यों को छिपाकर न केवल पासपोर्ट बनवा लिया, बल्कि उससे वह विदेश यात्रा भी कर आईं। शासन के आदेश के बाद डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह ने इस प्रकरण की जांच के आदेश एडीएम प्रशासन वीके सिंह को दे दिए हैं।