मुठभेड़ खत्म होने के बाद जश्न के मूड में जवान
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पूर्व रॉ प्रमुख ने अमर उजाला से विशेष बातचीत में जम्मू-कश्मीर के ताजा हालात पर भी विस्तार से बातचीत की। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 खत्म होने के बाद कश्मीर की दिक्कतें अब थोड़े-बहुत दिन का मेहमान रह गई हैं। इसके बाद कश्मीर वाकई स्वर्ग बनेगा, लेकिन पाकिस्तान और चीन से निपटने के लिए हमें अपनी आंतरिक सुरक्षा पर मजबूती से काम करना पड़ेगा।
सवाल : कश्मीर में अनुच्छेद 370 को खत्म करने के दूरगामी परिणाम क्या होंगे?
इअनुच्छेद 370 कश्मीर में अलगाववादियों का प्लेटफार्म बनी हुई थी। हालांकि यह अस्थाई व्यवस्था थी, फिर भी इसके जरिये 70 साल तक अलग पहचान बनाए रखने और विशेषाधिकार हासिल करने के बाद भी कोई समाधान नहीं निकल रहा था। पाकिस्तान की मदद से इस पहचान का दुरुपयोग किया गया। इसी वजह से कश्मीर के लोगाें को देश की मुख्यधारा से जोड़ने में दिक्कतें हो रही थीं। मेरे हिसाब से इसी वजह से यह निर्णय लिया गया। कुछ समय तक इस निर्णय से दिक्कत हो सकती है लेकिन दूरगामी परिणाम अच्छे ही होंगे। अलगाववादियों का प्लेटफार्म टूट गया है। जब वहां पब्लिक और प्राइवेट सेक्टर काम शुरू करेंगे तो रोजगार के अवसर खुलेंगे और निश्चित ही हालात बदलेंगे।
सवाल : इस समय हालात पीओके पर किए जा रहे हमारे दावे के अनुकूल हैं, क्या निकट भविष्य में पीओके पर भारत का कब्जा संभव है?
जवाब : सीधा सा सवाल है कि जब विलय हुआ था और जम्मू-कश्मीर एक पूरा अलग राज्य था तो हम अपनी तरफ से एक हिस्से को अलग क्यों छोड़ें। उस पर हमारा हक तो विलय के समय से ही बना हुआ है। हालांकि राजनीति में कब क्या परिस्थिति बन जाए, यह बहुत ही अलग बात है। हमें अपने दावे को पूरा करने के लिए राजनीतिक आधार बनाना पड़ेगा। जम्मू-कश्मीर में जब हालात बेहतर होंगे और हमारे अनुकूल होंगे तो पीओके वाले खुद हमारे पक्ष में आ सकते हैं।
सवाल : चीन की भूमिका भारत के लिए हमेशा संदिग्ध रही है, चीन को साधने के लिए भारत के पास क्या विकल्प हैं?
जवाब : सबसे पहले तो हमें अपनी आंतरिक सुरक्षा सुदृढ़ करनी होगी। हमें यह मानकर चलना पड़ेगा कि चीन और पाकिस्तान एक दूसरे के पूरक हैं। पाकिस्तान में चीन ने निवेश किया है। सीपेक के नाम पर जो निवेश वह कर रहा है, उन्हें सुरक्षित करने के लिए वह हर मुमकिन कोशिश करेगा ही। अब चीन को अफगानिस्तान से भी सपोर्ट नहीं मिल रहा है लिहाजा यह साफ है कि वह पाकिस्तान का पक्ष कभी नहीं छोड़ेगा।