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कैंट बोर्ड की वोटर लिस्ट फाइनल

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बरेली। कैंट बोर्ड की वोटर लिस्ट से बाहर हुए 11 हजार वोटरों के नाम फिर से जुड़वाने के लिए सभासदों ने जोर आजमाइश तो खूब की, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। आपत्ति और दावा निस्तारण प्रक्रिया के दौरान जो कैंट बोर्ड पहुंचा उनके नाम जोड़ दिए गए। जो सभासदों के भरोसे बैठे रहे, उनके नाम वोटर लिस्ट में नहीं जुड़ पाए। बुधवार को वोटर लिस्ट पर हुई आखिरी सुनवाई के बाद अब शनिवार तक फाइनल सूची जारी होने की संभावना है।
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पिछले दिनों कैंट की वोटर लिस्ट में वार्डवार दावा और निस्तारण प्रक्रिया सुनवाई हुई थी। आखिरी दिन वार्ड संख्या सात की सुनवाई के दौरान सभासदों और निवासियों ने जबरन नाम काटे जाने का अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए हंगामा किया था। नाम न जोड़ने पर मामला हाईकमान तक पहुंचाने की चेतावनी भी दी थी। बुधवार को सातों वार्डों के वे मतदाता जो वार्डवार हुई सुनवाई में किन्हीं कारणों से शामिल नहीं हो पाए थे, उन्हें बुलाया गया था। अधिकारियों के मुताबिक कुछ सभासदों और आगामी चुनाव में दावेदारी करने की मंशा रखे लोगों ने लंबी लिस्ट बना रखी थी, लेकिन उनमें वे ही नाम जोड़े गए जो मौके पर मौजूद थे। आखिरी बैठक में हंगामा होने के प्रबल आसार दिख रहे थे, लेकिन करीब दो घंटे तक चली सुनवाई प्रक्रिया के दौरान अधिकारियों के सख्त तेवर देख चुप्पी साधे रहे।

किस वार्ड से कितनों ने किया दावा
वोटर लिस्ट से नाम हटने के बाद मांगी गई आपत्ति और दावा में महज छह आपत्तियां आई और 829 ने दावा किया। इसमें वार्ड संख्या एक से 4, दो से 138, तीन से 84, चार से 16, पांच से 124, छह से 414, सात से 49 ने मतदाता सूची में नाम जोड़ने का दावा किया था। पिछले करीब हफ्ते भर से चल रहे दावा और आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया के बाद बुधवार को हुई आखरी बैठक में करीब पांच सौ लोगों के नाम वोटर लिस्ट में जोड़े जाने की सुगबुगाहट है।
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कहां-कितने हटाए गए वोटर
वार्ड संख्या एक से 2515, दो से 1060, तीन से 880, चार से 1046, पांच से 859, छह से 2873, सात से 1271 पूर्व वोटरों के नाम अबकी बार कैंट की मतदाता सूची से हटाए गए हैं। कैंट बोर्ड अध्यक्ष की ओर से नाम निर्देशित अधिकारी कर्नल संजय खरबंदा ने बताया कि बोर्ड कार्यालय में प्राप्त सभी वैध आवेदनों पर कैंट एक्ट के तहत प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर वोटर लिस्ट को आखिरी रूप दिया जा रहा है। चुनाव की तिथि घोषित होने के बाद एक बार फिर वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने का मौका मिल सकता है।
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