बरेली। बरेली जंक्शन पर ठेकेदार ने छोले भटूरे, कुलचे बनाकर बेचने का लाइसेंस लिया, लेकिन बनाने लगा पूड़ी-सब्जी। सूचना मिलने पर कमर्शियल अनुभाग के अफसरों ने पूछताछ की तो वेंडर कुछ बता नहीं सका। इसके बाद उसकी चार ठेलियों को सील कर दिया गया। यहां बता दें कि जंक्शन पर वेंडर चाय, बिस्कुट, छोले-भटूरे-कुलचे, सब्जी-चावल, पूरी चावल, स्नैक्स के लिए अधिकृत हैं, लेकिन यात्रियों को छोले भटूरे और कुलचे के बजाए पूरी सब्जी ही दी जाती थी। प्लेटफार्म पर कुलचे, छोले-भटूरे भी खाने को मिलते हैं, यह बात अधिकांश यात्रियों को भी बता नहीं हैं।
जंक्शन पर मेसर्स गुरदीप सिंह जगजीत सिंह की चार ठेलियां है। अधिकारियों की मानें तो ठेकेदार ने चाय, बिस्कुट, छोले भटूरे, कुलचे के लिए खानपान का लाइसेंस लिया था। उनकी जंक्शन पर 139, 523, 648, 649 नंबर की ठेलियां तीनों प्लेटफार्म पर हैं, लेकिन वह अधिकारियों की आंखों में धूल झोंककर धड़ल्ले से पूरी सब्जी बिकवाने लगे। एक यात्री ने मुरादाबाद डिवीजन की सीनियर डीसीएम रेखा शर्मा से शिकायत की। उनके निर्देश पर सीएमआई संजीव दुबे और सीआईटी अभय कुमार चौबे ने टीम के साथ चेकिंग। टीम को छोले भटूेरे और कुलचे बनते नहीं मिले। उन्होंने चारों ठेलियों को सील कर दिया। इस कार्रवाई से जंक्शन पर हड़कंप मचा हुआ है।
इंक्वायरी आफिस से अब बिल लेने की होगी घोषणा
अब तक जंक्शन के इंक्वायरी आफिस से ट्रेनों के आवागमन की ही सूचना दी जाती है, लेकिन अब आफिस से खानपान लेने के बाद बिल जरूर लें, यह भी घोषणा की जा रही है। सीआईएम संजीव दुबे ने बताया कि कई बार वेंडरों को बिल देने के लिए चेतावनी दी गई, लेकिन जागरूकता न होने पर यात्रियों को बिल नहीं मिल रहे थे। अब इंक्वायरी आफिस से एनाउंस होने लगा है कि यात्री खानपान के बाद बिल जरूर ले, बिल न देने पर भुगतान न करें।