घंघोरा घंघोरी में गुपचुप बनाया धर्मस्थल, बजरंग दल नेता ने जताया विरोध
अफसर जेसीबी लेकर पहुंचे, तनाव को देखते हुए गांव बना छावनी
भोजीपुरा (बरेली)। थाना क्षेत्र के घंघोरा घंघोरी गांव में एक पक्ष पर गुपचुप तरीके से धर्मस्थल का निर्माण करने का आरोप लगाकर बजरंग दल के स्थानीय नेता ने विरोध जता दिया। इसके बाद बड़ी संख्या में पुलिस मौके पर पहुंच गई। संबंधित पक्ष ने निर्माण गिराने से इंकार कर दिया। फिलहाल गांव को छावनी बना दिया गया है।
गांव घंघोरा घंघोरी में मुस्लिम समाज के लोगों ने कब्रिस्तान की भूमि पर इमामबाड़ा बनाया है। इमामबाड़े के निर्माण में गांव के हिंदू समाज के लोगों ने भी आर्थिक सहयोग किया था। जब धर्मस्थल निर्माण की भनक गांव में रहने वाले बजरंग दल के जिला संयोजक भरत पटेल को लगी तो शुक्रवार को उन्होंने क्षेत्रीय लेखपाल को फोन कर विरोध जताया। लेखपाल ने एसडीएम सदर अमरेश कुमार को जानकारी दी। उधर, बदायूं के एक बजरंग दल नेता ने भी एसडीएम सदर को फोन कर विरोध जताया और तत्काल निर्माण गिराने के लिए कहा।
एसडीएम ने भोजीपुरा थाने के प्रभारी निरीक्षक मनोज त्यागी को तत्काल फोर्स के साथ गांव भेेजा। धर्मस्थल तुड़वाने के लिए जेसीबी भी मंगा ली गई। इसे लेकर गांव में तनाव पैदा हो गया। एसडीएम और सीओ योगेंद्र सिंह भी पहुंच गए। दोनों अफसरों ने थाने में पंचायत बैठाई। दोनों पक्षों से अफसरों ने कहा कि निर्माण आपसी सहमति से हुआ है तो परमीशन का सवाल ही नहीं उठता है। थाने की पंचायत में जब बात नहीं बनी तो कहा गया कि धर्मस्थल की स्थिति जस की तस रहेगी। फिलहाल दोनों संप्रदायों के लोग मिलकर हल निकालें। गांव में शाम तक कोई भी निष्कर्ष नहीं निकला। इधर, भरत पटेल का कहना है कि मुस्लिम समाज ने प्रधान पद के एक प्रत्याशी को वोटों का लालच देकर यह काम कराया है। इमामबाड़े का निर्माण नई परंपरा है। इसे किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एसडीएम सदर अमरेश कुमार ने बताया कि निर्माण रुकवा दिया गया है। गांव में शांति व्यवस्था कायम है। यदि विवाद नहीं निपटता है तो प्रशासन नियमानुसार कार्रवाई करेगा। उधर, प्रकरण में एलआईयू सीओ एसके बाजपेई ने भी मुआयना किया।