मंडलीय समीक्षा बैठक में यूरिया की बढ़ती मांग को देखते हुए मंडलायुक्त ने इसके औद्योगिक इस्तेमाल का जताया संदेह
बरेली। मंडलायुक्त भूपेंद्र एस. चौधरी ने यूरिया के औद्योगिक इस्तेमाल का संदेह जताते हुए इसकी खपत की जांच करने का आदेश दिया है। स्वास्थ्य केंद्रों पर संस्थागत प्रसव कम होने पर नाराजगी जताते हुए सीएमओ को इसे बढ़ाने की हिदायत दी। वह सोमवार को विकास भवन सभागार में चारों जिलों के अधिकारियों के साथ मंडलीय समीक्षा बैठक कर रहे थे।
कृषि अधिकारियों से बताया कि प्रति बोरी यूरिया की कीमत 1451.76 रुपये है। 1185.26 रुपये की छूट के बाद यह किसानों को 266.50 रुपये में उपलब्ध कराई जा रही है। औद्योगिक क्षेत्र में प्रयोग होने वाली यूरिया महंगी होती है। संदेह होने पर मंडलायुक्त ने चारों जिलों के डीएम और संयुक्त निदेशक कृषि को यूरिया की खपत की जांच के निर्देश दिए हैं।
मंडलायुक्त ने चारों जिलों के सीएमओ से डॉक्टरों की उपलब्धता और टीबी मुक्त ग्राम पंचायतों के बारे में पूछताछ की। अमरिया, जरियनपुर और बरखेड़ा में संस्थागत प्रसव कम पाए गए। जरियनपुर एवं पूरनपुर में सिजेरियन प्रसव भी नहीं हो पा रहे हैं। चिकित्सा इकाइयों में अग्नि एवं विद्युत सुरक्षा संबंधी मानकों के अनुपालन की हिदायत दी। बरेली के सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह ने बताया कि 16 स्वास्थ्य केंद्रों में से 14 को फायर एनओसी मिल गई है। बिथरी चैनपुर और फतेहगंज पश्चिमी के स्वास्थ्य केंद्रों को अभी एनओसी नहीं मिल पाई है। आयुष्मान कार्ड बनाने में बदायूं पीछे पाया गया। संवाद
क्रय केंद्रों से किसानों को लौटाएं नहीं
धान क्रय केंद्रों से किसानों को लौटाए जाने की शिकायतों पर मंडलायुक्त ने खरीद अधिकारियों के पेच कसे। खरीद अधिकारियों ने 27 दिसंबर तक मंडल में लक्ष्य के सापेक्ष 84.65 फीसदी धान खरीद की जानकारी दी।
ये निर्देश भी दिए
- स्वास्थ्य केंद्रों पर दवाओं का वितरण सही हो रहा या नहीं, सीएमओ जांच लें।
- शाहजहांपुर में शहरी आरोग्य मंदिरों की सक्रियता बढ़ाएं।
- बोगस फर्मों की चेन को चिह्नित कर कार्रवाई करें।
- आबकारी विभाग शराब बिक्री में ओवर रेटिंग न होने दे।