बरेली। आयुष्मान भारत योजना संबंधी शिकायत सुनवाई के लिए आयोजित जिला शिकायत निवारण समिति (डीजीआरसी) की बैठक में कई निजी अस्पताल संचालकों ने आयुष्मान ऑपरेटर, मित्र, मैनेजर भेज दिए। एडीएम प्रशासन पूर्णिमा सिंह ने मामले पर नाराजगी जताई है।
उन्होंने कहा कि जिन निजी अस्पतालों के प्रकरण सुनवाई के लिए डीजीआरसी के समक्ष प्रस्तुत किए जाएं, उन अस्पतालों के संचालक या डॉक्टर प्रत्येक दशा में बैठक में मौजूद हों। आयुष्मान योजना के जिला कोऑर्डिनेटर अनुराग मिश्रा के मुताबिक तीन दिन पूर्व एडीएम प्रशासन के कार्यालय में हुई बैठक में कई निजी अस्पतालों के संचालक, डॉक्टर मौजूद नहीं थे। जबकि शिकायतों में संचालक या डॉक्टर का ही जिक्र होता है। सुनवाई के लिए आयुष्मान मित्र, ऑपरेटर, मैनेजर के मौजूद होने से प्रकरण पर उचित जानकारी के अभाव की गुंजाइश होती है।
एडीएम प्रशासन ने अगली बैठक में ऐसे निजी अस्पताल संचालक, डॉक्टर के मौजूद होने पर ही सुनवाई की बात कही। बैठक में शामिल रहे सभी ऑपरेटर, आयुष्मान मिश्र और मैनेजरों को वापस भेज दिया। साथ ही, समिति की बैठक संबंधी कार्रवाई से अवगत कराने के भी निर्देश दिए।
इन निजी अस्पतालों के मौजूद रहे संचालक, डॉक्टर
बैठक में डॉक्टर बीआर गुप्ता हॉस्पिटल, दृष्टि आई सेंटर, श्री सिद्धिविनायक, रोहिलखंड मेडिकल कॉलेज, मैक्स केयर हॉस्पिटल, रीजनल हॉस्पिटल के डॉक्टर, संचालक के मौजूद होने से इनसे जुड़े मामलों की सुनवाई के बाद आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। जिला शिकायत निवारण प्रबंधक आमिर बेग को प्रकरण संबंधी निजी अस्पताल के संचालकों, डॉक्टरों को बैठक में मौजूद रहने की सूचना देने के निर्देश दिए हैं।