आंवला। तीन मौतों के बाद खुले नाले दिखने पर जिम्मेदारों ने उनको ढकने की योजना तैयार की है। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी प्रदीप गिरी ने बताया कि नालों को ढकने के लिए 80 लाख रुपये का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है।
कस्बे के मोहल्ला खेड़ा निवासी नंदराम के दिव्यांग बेटे प्रीत (7) की मोहल्ले के खुले नाले, मोहल्ला किला के हसनैन की 17 अगस्त की शाम को पुरैना मंदिर के पास खुले नाले और मझगवां विकासखंड के गांव कैनी इंचौर झूनानगर के तेजपाल राजपूत के बेटे सुनील (2) की घर के सामने खुले नाले में गिरकर डूबने से मौत हो चुकी है। इन मौतों के बाद खुले नाले खतरा लगे, प्रशासन उनको ढकने के लिए सक्रीय हुआ। ईओ ने बताया कि पालिका क्षेत्र के खुले और संवेदनशील नालों का सर्वे कर चिह्नित कर लिया गया है। इनको ढकने का प्रस्ताव डीएम को भेजा जा चुका है। शासन स्तर से स्वीकृति मिलने पर काम शुरू करवा दिया जाएगा। साथ ही जलनिकासी व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। वहीं, संभावित हादसों वाले कई नालों को 25 लाख रुपये की लागत से ढकने का काम कराया जा रहा है।
21 लाख रुपये के टेंडर के बावजूद खुले नालों को ढकने में लापरवाही
सिरौली। कस्बे में 21 लाख रुपये के तीन टेंडर होने के बावजूद बड़े नालों को ढकने का कार्य धीमा है। इससे लोगों को बच्चों की सुरक्षा की चिंता है। नगर पंचायत प्रशासन ने 21 लाख रुपये के तीन टेंडर जारी किए थे। ये टेंडर करीब ढाई माह, एक माह और 20 दिन पहले जारी हुए थे। इनकी रकम भी जारी हो चुकी है। इसके बावजूद अफसरों की उदासीनता और ठेकेदारों की लापरवाही से काम में तेजी नहीं आ पा रही है। बरेली अड्डे पर करीब डेढ़ माह से सीमेंट के पत्थर तैयार हैं लेकिन उन्हें अब तक स्थापित नहीं किया गया है। कस्बे में तीन बड़े और दर्जनों अन्य गहरे नाले खुले पड़े हैं। इस बाबत अधिशासी अधिकारी राजन नाथ तिवारी ने बताया कि ठेकेदारों को जल्द कार्य पूरा करने की हिदायत देंगे। काम जल्द पूरा कराया जाएगा।