पंचायत राज विभाग ने जिले के पांच गांवों को पूरी तरह से खुले में शौच मुक्त करने का दावा किया है। उसके दावे की जांच के लिए सीडीओ ने टीमें बनाई हैं। टीमों में शामिल अधिकारी गांव में जाकर सच्चाई देखेंगे। उनकी रिपोर्ट ही तय करेगी कि इन गांवों में अब कोई खुले में शौच के लिए नहीं जा रहा है।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत दो अक्तूबर तक भारत सरकार ने सारे गांवों को खुले में शौच मुक्त करने का संकल्प लिया है। इसके तहत पंचायत राज विभाग की टीमें पिछले दो महीने से गांवों में जाकर लोगों को खुले में शौच न जाने के लिए जागरूक कर रही है। ग्रामीणों को खुले में शौच के नुकसान बताए जा रहे हैं। पंचायत राज विभाग ने डीएम को पांच गांव के नाम देकर उनको पूरी तरह से खुले में शौच से मुक्त करने का दावा किया। इन गांवों में आलमपुर जाफराबाद ब्लाक के हजरतपुर और चंदौआ, बहेड़ी ब्लाक का उतरसिया सम्मुखिया, शेरगढ़ ब्लाक के तिगरी और स्वाले मुजाहिद गांव हैं। डीएम के निर्देश पर सीडीओ शिवसहाय अवस्थी ने इन गांवों में पंचायत राज विभाग के दावे का सच परखने के लिए एआर सहकारिता, सीवीओ, एडी मत्स्य, जिला कृषि अधिकारी और जिला भूमि संरक्षण अधिकारी के नेतृत्व में अलग-अलग टीमें बना दी हैं। यह अधिकारी अपने लिए आवंटित गांव में बीडीओ और एडीओ पंचायत के साथ जाकर स्थलीय जांच करेंगे। ग्रामीणों से भी पूछेंगे कि वह खुले में शौच को जा रहे हैं या नहीं। इसके अलावा इन गांवों में शौचालय निर्माण की स्थिति भी देखेंगे।